कामयाबी के शिखर पर तो दुनिया तालियाँ बजाती है, लेकिन जो आपके शून्य पर होने के बावजूद आपके साथ खड़ा रहे, वही असली जीवनसाथी है। वरुण चक्रवर्ती आज भारतीय टीम का एक बड़ा नाम हैं, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब उनके पास न कोई नौकरी थी और न ही भविष्य का कोई ठिकाना।
"मुझ पर भरोसा मत करो"
हताशा के उस दौर में वरुण ने अपनी पत्नी से यहाँ तक कह दिया था कि "मुझ पर भरोसा मत करो और मेरे साथ मत आओ, क्योंकि मेरे पास कोई काम नहीं है।" उन्हें डर था कि वे उन्हें एक अच्छी ज़िंदगी नहीं दे पाएंगे। लेकिन उस वक्त उनकी पत्नी ने जो कहा, उसने न सिर्फ वरुण की दुनिया बदल दी, बल्कि आज हर संघर्ष करने वाले इंसान के लिए एक मिसाल बन गई।
उनकी पत्नी का वो ऐतिहासिक जवाब था— "तुम बस क्रिकेट खेलो और महीने के 5-6 हज़ार भी कमा लोगे तो चलेगा। मैं 15 हज़ार कमा रही हूँ, हम मिलकर सब संभाल लेंगे।"
यह सिर्फ़ "हम संभाल लेंगे" के तीन शब्द नहीं थे, बल्कि एक ऐसा अटूट विश्वास था जिसने वरुण को फिर से मैदान पर उतरने का हौसला दिया। आज वे जहाँ भी हैं, उसमें उनके हुनर के साथ-साथ उनकी पत्नी के उस त्याग और भरोसे का भी उतना ही बड़ा हाथ है।
सच्ची पार्टनरशिप और बराबरी का इससे खूबसूरत उदाहरण और क्या हो सकता है? जहाँ अहंकार खत्म होता है और भरोसा शुरू होता है, वहीं से ऐसी महान कहानियाँ जन्म लेती हैं।
"क्या आपके पास भी कोई ऐसा इंसान है जिसने आपके सबसे मुश्किल वक्त में आपसे कहा हो कि 'सब ठीक हो जाएगा, मैं हूँ न'? उस खास इंसान के लिए कमेंट्स में एक 'Thank You' या एक ❤️ ज़रूर लिखें।" ✍️ सच्चा साथ ही सबसे बड़ी दौलत है!
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