एक इंसानों जैसा दिखने वाला चूहा और उसके दो इंसानी चेले मिलकर एक साँप को बार-बार परेशान कर रहे थे। वे उसे पत्थर मारते, रास्ता रोकते और हँसते रहे। साँप चुपचाप सब सहता रहा, जैसे कुछ सोच रहा हो। अचानक उसने फुफकार भरी और पलटकर खड़ा हो गया। उसकी आँखों में गुस्सा नहीं, चेतावनी थी। यह देखकर दोनों चेले पीछे हट गए और इंसानों जैसा चूहा डर से काँपने लगा। उसी पल उसे समझ आ गया कि जिसे कमजोर समझा जाता है, वही समय आने पर सबसे खतरनाक साबित होता है।
#🙏कर्म क्या है❓