*ट्रेन हल्की-हल्की आवाज़ में स्टेशन छोड़ रही थी...*खिड़की से ठंडी हवा आ रही थी। सामने वाली बर्थ पर मैंने देखा —
एक मुस्कुराता हुआ चेहरा।
उम्र 65 के आस-पास।
अकेली।
पीठ पर छोटा सा बैग।
मनाली सोलो ट्रिप।
मैंने पूछ ही लिया: _"आंटी, अकेले?
डर नहीं लगता?"_
वो हँसी। ऐसी हँसी जो सालों का बोझ धो दे।बोली: *"बेटा, डर तब लगता था जब सब साथ थे। अब अकेली हूँ, तो आज़ाद हूँ।"*
बातों-बातों में मैंने एक बात सीखी। वो आज आपको बता रही हूँ...उसने कहा: "मैंने 60 के बाद जीना शुरू किया।
जब मैंने ये सब छोड़ दिया..."
*1. नियंत्रण छोड़ दिया*
"पहले सबको मुट्ठी में रखना चाहती थी —
पति, बच्चे, पैसा। अब रेत की तरह बहने देती हूँ। हल्का लगता है।"
*2. लोगों से उम्मीदें छोड़ दीं*
"बेटा फोन करे तो ठीक, ना करे तो भी ठीक। मैंने जन्म दिया है, ठेका नहीं लिया।"
*3. लोगों को बदलना छोड़ दिया*
"50 साल पति को सुधारने में लगाए। वो वैसे का वैसा। अब मैं बदल गई। शांति आ गई।"
*4. हर किसी को खुश रखने की कोशिश छोड़ दी*
"बहू को, समाज को, रिश्तेदारों को... सबको खुश करते-करते खुद रोती थी। अब बस खुद से सच्ची हूँ।"
*5. हर गलती पर खुद को दोष देना छोड़ दिया*
"दाल में नमक कम हुआ तो 3 दिन रोती थी। अब कहती हूँ — इंसान हूँ, देवी नहीं।"
*6. हर परिणाम की चिंता करना छोड़ दिया*
"ट्रेन लेट होगी या टाइम पर — मेरे हाथ में नहीं। चाय पीती हूँ, नज़ारा देखती हूँ।"
*7. भविष्य के डर में वर्तमान को खोना छोड़ दिया*
"कल घुटना दर्द करेगा सोचकर आज पहाड़ नहीं चढ़ूँगी?
आज तो चढ़ लूँ।"
*8. उन बातों पर ऊर्जा खर्च करना छोड़ दिया जो मेरे बस में ही नहीं थीं*
"मोदी क्या करेगा, पड़ोसन क्या बोलेगी — छोड़ दिया बेटा।
BP नॉर्मल रहता है अब।"
*अब क्या करती हूँ?*
*"ध्यान रखती हूँ खुद की, खुद से मुलाक़ात की।*
*कौन क्या कहता है — एक कान से सुनती हूँ, दूसरे से निकाल देती हूँ।"*
वो खिड़की से बाहर देखकर बोली:-
*"पानी किस तरफ जाएगा वो मेरे हाथ में नहीं बेटा।**लेकिन तूफान में कश्ती डगमगाए नहीं, चप्पू चलाना मेरे हाथ में है।"*सुकून मॉल में नहीं मिलता।*
*सुकून तुम्हारे तकिये में है — जब बिना किसी से शिकायत सोओ।*
*सुकून तुम्हारे कदमों में है — जब बिना डरे अकेले चलो।"*
ट्रेन मनाली पहुँचने वाली थी। वो उतरते-उतरते बोली:-“जवानी में दुनियां जोड़ी थी बेटा। अब बुढ़ापे में खुद को जोड़ रही हूँ।
इसीलिए मुस्कुराती हूँ...क्योंकि अब बोझ नहीं है, बस मैं हूँ।"_
॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ #😍 ઈમોશનલ સ્ટેટ્સ 😊 #👌બેસ્ટ સ્ટેટ્સ📱 #❤️ Love You જીંદગી 🧡 #☺ જીવનની વાસ્તવિક્તા