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Het Advocate
@het9005
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8 days ago
*ट्रेन हल्की-हल्की आवाज़ में स्टेशन छोड़ रही थी...*खिड़की से ठंडी हवा आ रही थी। सामने वाली बर्थ पर मैंने देखा — एक मुस्कुराता हुआ चेहरा। उम्र 65 के आस-पास। अकेली। पीठ पर छोटा सा बैग। मनाली सोलो ट्रिप। मैंने पूछ ही लिया: _"आंटी, अकेले? डर नहीं लगता?"_ वो हँसी। ऐसी हँसी जो सालों का बोझ धो दे।बोली: *"बेटा, डर तब लगता था जब सब साथ थे। अब अकेली हूँ, तो आज़ाद हूँ।"* बातों-बातों में मैंने एक बात सीखी। वो आज आपको बता रही हूँ...उसने कहा: "मैंने 60 के बाद जीना शुरू किया। जब मैंने ये सब छोड़ दिया..." *1. नियंत्रण छोड़ दिया* "पहले सबको मुट्ठी में रखना चाहती थी — पति, बच्चे, पैसा। अब रेत की तरह बहने देती हूँ। हल्का लगता है।" *2. लोगों से उम्मीदें छोड़ दीं* "बेटा फोन करे तो ठीक, ना करे तो भी ठीक। मैंने जन्म दिया है, ठेका नहीं लिया।" *3. लोगों को बदलना छोड़ दिया* "50 साल पति को सुधारने में लगाए। वो वैसे का वैसा। अब मैं बदल गई। शांति आ गई।" *4. हर किसी को खुश रखने की कोशिश छोड़ दी* "बहू को, समाज को, रिश्तेदारों को... सबको खुश करते-करते खुद रोती थी। अब बस खुद से सच्ची हूँ।" *5. हर गलती पर खुद को दोष देना छोड़ दिया* "दाल में नमक कम हुआ तो 3 दिन रोती थी। अब कहती हूँ — इंसान हूँ, देवी नहीं।" *6. हर परिणाम की चिंता करना छोड़ दिया* "ट्रेन लेट होगी या टाइम पर — मेरे हाथ में नहीं। चाय पीती हूँ, नज़ारा देखती हूँ।" *7. भविष्य के डर में वर्तमान को खोना छोड़ दिया* "कल घुटना दर्द करेगा सोचकर आज पहाड़ नहीं चढ़ूँगी? आज तो चढ़ लूँ।" *8. उन बातों पर ऊर्जा खर्च करना छोड़ दिया जो मेरे बस में ही नहीं थीं* "मोदी क्या करेगा, पड़ोसन क्या बोलेगी — छोड़ दिया बेटा। BP नॉर्मल रहता है अब।" *अब क्या करती हूँ?* *"ध्यान रखती हूँ खुद की, खुद से मुलाक़ात की।* *कौन क्या कहता है — एक कान से सुनती हूँ, दूसरे से निकाल देती हूँ।"* वो खिड़की से बाहर देखकर बोली:- *"पानी किस तरफ जाएगा वो मेरे हाथ में नहीं बेटा।**लेकिन तूफान में कश्ती डगमगाए नहीं, चप्पू चलाना मेरे हाथ में है।"*सुकून मॉल में नहीं मिलता।* *सुकून तुम्हारे तकिये में है — जब बिना किसी से शिकायत सोओ।* *सुकून तुम्हारे कदमों में है — जब बिना डरे अकेले चलो।"* ट्रेन मनाली पहुँचने वाली थी। वो उतरते-उतरते बोली:-“जवानी में दुनियां जोड़ी थी बेटा। अब बुढ़ापे में खुद को जोड़ रही हूँ। इसीलिए मुस्कुराती हूँ...क्योंकि अब बोझ नहीं है, बस मैं हूँ।"_ ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ #😍 ઈમોશનલ સ્ટેટ્સ 😊 #👌બેસ્ટ સ્ટેટ્સ📱 #❤️ Love You જીંદગી 🧡 #☺ જીવનની વાસ્તવિક્તા