ग्रेटर नोएडा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बोड़ाकी रेलवे स्टेशन के विस्तार का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है।
लंबे समय से जमीन को लेकर अटकी हुई यह योजना अब आगे बढ़ेगी, क्योंकि 7 गांवों के किसानों ने आखिरकार जमीन देने पर अपनी सहमति दे दी है।
इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत बोड़ाकी रेलवे स्टेशन पर 13 नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, जिसके लिए करीब 137 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। स्टेशन और रेलवे यार्ड का कुल क्षेत्रफल बढ़कर लगभग 267 एकड़ हो जाएगा।
इस प्रोजेक्ट से करीब 7 गांवों के 1800 परिवार प्रभावित होंगे, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत जमीन पर पहले से मकान बने हुए हैं। इन सभी परिवारों को अब नई जगह बसाया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार, प्रभावित परिवारों को ग्रेटर नोएडा में शिव नाडर यूनिवर्सिटी के पीछे प्लॉट दिए जाएंगे। खास बात यह है कि किसानों को उनकी जमीन के बराबर जमीन देने का भरोसा दिया गया है, जिसके बाद उन्होंने इस योजना के लिए हामी भर दी है।
यह पूरा प्रोजेक्ट दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत विकसित हो रहे मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब का हिस्सा है, जो करीब 358 एकड़ में बनाया जाएगा।
इस हब में रेलवे स्टेशन के साथ-साथ मेट्रो, बस टर्मिनल और कमर्शियल एरिया भी विकसित किए जाएंगे। इतना ही नहीं, बोड़ाकी से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के लिए करीब 70 ट्रेनों का संचालन भी किया जाएगा।
इसके अलावा, नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन का विस्तार भी बोड़ाकी तक किया जाएगा, जिससे कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर बढ़ते दबाव को काफी हद तक कम किया जा सकेगा और ग्रेटर नोएडा एक बड़े ट्रांसपोर्ट हब के रूप में उभरकर सामने आएगा।
फिलहाल, प्रशासन जल्द ही जमीन पर कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है।
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