#📖नवरात्रि की पौराणिक कथाएं 📿 नवरात्रि की रात, गरबा की धुन,
माता की भक्ति में सब कुछ सुंदर है।
नौ दुर्गों की शोभा में सब कुछ नया है,
नवरात्रि की शुरुआत में सब कुछ स्वाभाविक है।
माता की कृपा से सब कुछ संभव है,
नवरात्रि में हम भक्ति में लीन हैं।
गरबा की रात में सब कुछ अनोखा है,
नवरात्रि की शोभा में सब कुछ प्यारा है।
माता की जय हो, जय हो, जय हो,
नवरात्रि की शोभा में सब कुछ स्वाभाविक है।
आशा है आपको यह कविता पसंद आएगी! क्या आप कुछ और भी चाहते हैं?