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Manoj Gupta
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Manoj Gupta
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18 दिन पहले
मंडल कमीशन गठन — भाजपा मंडल कमीशन लागू — भाजपा प्रमोशन में आरक्षण — भाजपा बैकलॉग आरक्षण — भाजपा मिनिमम मार्क्स कंडीशन हटाई — भाजपा SC/ST एक्ट अध्यादेश — भाजपा सैनिक स्कूल आरक्षण — भाजपा फूले दम्पत्ति पर डाक टिकट — भाजपा डॉ. अंबेडकर को भारत रत्न — भाजपा अंबेडकर जयंती पर अवकाश — भाजपा 200-प्वाइंट रोस्टर — भाजपा MP में 73% आरक्षण — भाजपा NEET में 64.5% आरक्षण — भाजपा पंचायत चुनाव में आरक्षण — भाजपा पसमांदा आरक्षण — भाजपा मनरेगा में आरक्षण — भाजपा प्रधानमंत्री आवास में आरक्षण — भाजपा SC ST Act पहले से ज्यादा सख्त - भाजपा UGC act पहले से ज्यादा सख्त - भाजपा बैंक लोन में आरक्षण — भाजपा इतना सब होने के बाद भी अगर कोई कहे कि “भाजपा आरक्षण विरोधी है”, तो या तो उसे याददाश्त की दिक्कत है… या फिर सच से। #📰योगी आदित्यनाथ #👍 मोदी फैन क्लब #🇮🇳 देशभक्ति #✊ भारत में बदलाव #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
Manoj Gupta
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29 दिन पहले
सरकार की मीडिया ने अच्छे से काम कर दिया इन दो दिनों में,सवर्णों को गुमराह करने का,वरना मीडिया कभी इतना किसी वायरल वीडियो पर न्यूज़ नहीं बनाया, लेकिन UGC जैसे गंभीर मुद्दे से भटका रही है सरकार, आस्था ठाकुर का मामला बंद करो UGC पर अड़े रहो। आपकी क्या राय कमेंट में जरूर बताना। #📰योगी आदित्यनाथ #👍 मोदी फैन क्लब #🇮🇳 देशभक्ति #✊ भारत में बदलाव #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
Manoj Gupta
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29 दिन पहले
एक चिट्ठी दिल्ली के सिंहासन को.. राजाधिराज आपके श्री चरणों में सादर प्रणाम .. प्रणाम एक औपचारिक संस्कार है जिसे निभाना हमारा शिष्टाचार तो है ही परम्परा भी है सो व्यथित मन से इस परम्परा की औचारिकता निभा रहा हूं .. राजा साहब देख तो रहे होंगे आप..पूरा देश जातीय संघर्ष की ओर बढ़ रहा है.. निश्चित ही आपको आभास भी होगा कि इस घृणा का परिणाम गृहयुद्ध भी हो सकता है.. ईमानदारी से बताइए राजाधिराज कि आप तो एक समान नागरिक आचार संहिता के आक्सीजन हेतु लाए गये थे फिर यह असमानता के विष वृक्ष को खाद पानी देकर हवा में कार्बनडाईआक्साइड क्यों घोल दिया आपने.. जी हवा विषाक्त हो चली है जो सामान्य वर्ग " आपके शब्दों में अगड़ी जातियों " के नथुने से होकर सिर्फ उनके फेफड़े को ही नहीं बल्कि सभी देशवासियों {जाति कोई भी हो} के फेफड़े को जहरीला कर देगी.. ठीक समझ रहे है आप मै UGC पर बात तो कर ही रहा हूं मै Sc..St एक्ट पर भी बात कर रहा हूं.. राजा साहब.. हमें भी पंडितवा बभना ठुकुरवा बनियवा ललवा वगैरह वगैरह शब्दों से नवाजा जाता है.. जातिगत आधार पर हमे भी अपशब्द कहे जाते हैं .. मध्य प्रदेश का कोई एक IAS हमारी बहन बेटियों पर बेधड़क अमर्यादित टिप्पणी करता है तो स्वामी प्रसाद मौर्य जैसा कोई दुष्ट ( और भी हैं ) सारी सीमाएं लांघ रहा है.. अभी एक युवा फर्जी Sc ..St एक्ट में बुजुर्ग होकर जेल से बाहर हुआ है.. निर्दोष था पर यह बात बीस साल बाद प्रमाणित हुई.. ऐसे हजारों प्रकरण हैं और इसके लिए कोई न्याय व्यवस्था या पुलिसिया प्रशासन जिम्मेदार नहीं है राजा साहब.. इसके लिए जिम्मेदार है जातीय आधार पर स्थापित कानून .. आग पहले से जल रही थी आपने उसी आग में घी डालते हुए UGC के नए नियम लागू कर दिया.. पहले सामान्य वर्ग उत्तेजित हुआ फिर माननीय सर्वोच्च न्यायालय की रोक के बाद ओबीसी और अनुसूचितजाति जनजाति के कुछ लोग सड़कों पर हैं .. शोर है शराबा है जो हमें खून खराबा तक भी ले जाए तो अप्रत्याशित नहीं होगा .. हमारे बच्चे कल लहूलुहान होकर घर लौटें या न भी लौटें तो भी इससे आपकी सेहत पर कोई प्रभाव तो पड़ता नहीं.. शायद इसलिए आप मौन है.. वैसे तो घंटों घंटों बोलते रहते हैं आप.. मन की बात घंटों करते है आप पर इस संदर्भ में चुप्पी क्यों ?? मौनी बाबा तो पूर्व प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह जी थे आप तो 56 इंची हैं जनाब ..मुंह खोलिए.. बोलिए जनाब बोलिए.. मन की बात ही कर डालिए पर यूं चुप चाप एक वीभत्स भविष्य की प्रतीक्षा मत करिए .. सरकार मेरे .. सीधा सरल बिना किसी आपत्ति के आसान सा उपाय है " एक समान नागरिक आचार संहिता " देश में एक कानून.. यह कल्पना यह कामना कांग्रेस या समाजवादियों वामपंथियों की नहीं थी.. यह कल्पना पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी जैसे लोगों की थी.. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारतीय जनसंघ की थी.. भारतीय जनता पार्टी की भी थी.. आप उन्हीं के वंशज हैं.. क्षमा करिएगा पर यह देश माफ नहीं करेगा आपको यदि यूं ही मौन रहे तो.. यह आपकी चुप्पी है कि स्वामी प्रसाद् मौर्य जैसे कुकुरमुत्ते या जिनके लिए हिंदी शब्द कोष के अस्पृश्य समझे जाने वाले सभी शब्द और उपाधियां भी बौनी होंगी.. कल भी भौंक रहे थे आज भी भौंक रहे है.. राजा साहब .. यह अनायास नहीं है ..हमारे देखते देखते मनुवाद ब्राह्मणवाद सामंतवाद की आड़ में सामान्य वर्ग के विरुद्ध एक वातावरण इस देश में तैयार हुआ .. सत्ता सिंहासन की दौड़ में जातिवादी शक्तियों ने वातावरण विषाक्त किया पर जब आप आए तो एक उम्मीद आई कि अब और नहीं.. पर अफसोस .. पत्र लंबा हो रहा है सो.. निष्कर्षतः.. कुंभकर्णी नीद को त्यागिये और एक समान नागरिक आचार संहिता लागू करिए ..सभी देशवासियों के लिए जातीय आधार पर अपमानित करने के विरुद्ध कठोर दंड की व्यवस्था देने वाला एक कानून भी लाइए.. ठीक वैसे ही जैसे देश में स्थापित बहुत सारे आपराधिक कानून या सिविल कानून जो बिना किसी भेदभाव के सब पर समान रूप से लागू होते हैं ! एक समान कानून लाइए लागू करिए.. समाज में समभाव सदभाव समरसता बनी रहे इसकी चिन्ता करिए अन्यथा हम तो मान कर बैठे ही हैं कि " यह कालखंड आसुरी प्रवृत्तियों के प्रभाव का कालखंड है " यह तो होना ही है शायद .. धन्यवाद् सादर वन्दे 🙏🏻 सवर्ण एकता" Atul Tiwari MYogiAdityanath शेयर-फॉलो 👍 #✊ भारत में बदलाव #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🇮🇳 देशभक्ति #👍 मोदी फैन क्लब #📰योगी आदित्यनाथ
Manoj Gupta
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29 दिन पहले
यह बीजेपी सरकार 2001 से पहले ठीक थी अच्छी थी हिंदुत्व वाली थी सनातन के लिए काम करती थी लेकिन आज इस बीजेपी सरकार में 60 परसेंट नेता कट्टर स्वर्ण विरोधी है और सवर्ण समाज के जितने भी नेता इस पार्टी में है वह सब के सब पार्टी के गुलाम हैं उन्होंने अपने स्वार्थ अपनी कुर्सी के लिए पूरे समाज को बेच दिया है उन्हें समाज से दूर-दूर तक कोई मतलब नहीं है उन्हें सिर्फ इलेक्शन के समय अपना समाज याद आता है तो मैं अपने स्वर्ण समाज के नेताओं का और इस बीजेपी का पूर्ण रूप से बहिष्कार करता हूं ना मैं इस पार्टी को कभी वोट दूंगा और ना अपने यार दोस्त रिश्तेदार जानकारी को देने दूंगा कांग्रेस ने हमारे समाज का नाश किया और इस बीजेपी ने सत्यानाश किया... #todaybestphoto #myclick #fecbookviralphoto #photoslover #sanatan 💥💫🎁😜🥰🤔🔥💐 #👍 मोदी फैन क्लब #📰योगी आदित्यनाथ #🇮🇳 देशभक्ति #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #✊ भारत में बदलाव
Manoj Gupta
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1 महीने पहले
UGC कानून, आरक्षण, और st - sc एक्ट के खिलाफ सवर्ण समाज की आवाज़ को बुलंद करने वाले इन चारों महापुरुषों पर कितने भाई गर्व करते है..? #👍 मोदी फैन क्लब #✊ भारत में बदलाव #📰योगी आदित्यनाथ #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🇮🇳 देशभक्ति
Manoj Gupta
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1 महीने पहले
एक दलित नेता ने अपनी राजनीति चमकने के लिए घर के सामने बोर्ड लगवा कर “द ग्रेट चमा****** र” लिखा — तालियाँ बजीं। एक सीआरपीएफ की महिला सिपाही ने थप्पड़ कंगना रनौत को सरेआम थप्पड़ मारा, तो पूरा सोशल मीडिया उसे “किसान की बेटी” बता कर — देवी बना दिया गया। आज अगर ये लड़की कहती— जाट, गुज्जर, अहीर, किसान, अशोक या शिवाजी की वंशज हूँ, तो आज इस पर फूलों की बारिश हो रही होती। अगर कहती— “बाबा साहब की बेटी हूँ”, तो संविधान की रक्षक बना दी जाती। तो आज इस पर फूलों की बारिश हो रही होती। लेकिन इसने सिर्फ इतना कहा— “ठाकुर हूँ।” बस यहीं से ये सामंतवादी घोषित कर दी गई। इसे ही कहते हैं चयनात्मक आक्रोश। बाक़ी सब… पाखंड। #📰योगी आदित्यनाथ #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #✊ भारत में बदलाव #👍 मोदी फैन क्लब #🇮🇳 देशभक्ति
Manoj Gupta
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1 महीने पहले
वाह मोदी जी, वाह… 😏🔥 TMC बंगाल में अगर मुस्लिमों को OBC रिज़र्वेशन दे तो वो गद्दार और हिंदू-विरोधी हो जाती है। यही काम कांग्रेस तेलंगाना और कर्नाटक में करे तो उसे भी यही उपाधियाँ दी जाती हैं। लेकिन भाजपा गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार में करे तो वो राष्ट्रभक्त बन जाती है। समाज कल्याण एवं अधिकारिता मंत्रालय आज केवल SC-ST-OBC कल्याण मंत्रालय बनकर रह गया है, जिसके पास जनरल के बच्चों को मुफ्त कोचिंग देने का बजट नहीं है, क्योंकि जनरल के बच्चे इस देश पर बोझ माने जाते हैं। हाँ, यह अलग बात है कि वे केवल टैक्स का ATM बनकर रह गए हैं। मेरे सभी साथी आप इंस्टाग्राम से भी ज़रूर जुड़े https://www.instagram.com/pawan1571/ #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #📰योगी आदित्यनाथ #🇮🇳 देशभक्ति #👍 मोदी फैन क्लब #✊ भारत में बदलाव
Manoj Gupta
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1 महीने पहले
सरकार की तरफ से SC, ST और OBC छात्रों के लिए कई मुफ्त कोचिंग और शैक्षणिक सहायता योजनाएँ चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य उन वर्गों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद देना है, जो सामाजिक और आर्थिक रूप से लंबे समय से वंचित रहे हैं। इनके तहत UPSC, SSC, बैंकिंग, JEE-NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मान्यता प्राप्त संस्थानों में बिना फीस कोचिंग, स्टाइपेंड और अन्य सुविधाएँ दी जाती हैं। लेकिन एक सवाल अक्सर उठता है—गरीबी क्या जाति देखकर आती है? क्या सामान्य (General) वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर लोग नहीं होते? गांव-कस्बों में ऐसे बहुत से परिवार हैं जिनकी आय बेहद कम है, लेकिन वे इन योजनाओं के दायरे में नहीं आ पाते। उनके बच्चों में भी वही सपना होता है—सरकारी नौकरी, अच्छी पढ़ाई और बेहतर भविष्य। फिर उनके लिए मुफ्त कोचिंग जैसी व्यवस्था क्यों सीमित है? नीति का उद्देश्य वंचितों को आगे बढ़ाना है, पर यह भी जरूरी है कि आर्थिक कमजोरी को हर वर्ग में गंभीरता से देखा जाए, ताकि हर जरूरतमंद विद्यार्थी को पढ़ाई का समान मौका मिल सके। यह लेख नीति पर सामान्य चर्चा और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है, किसी भी जाति, वर्ग या समुदाय के प्रति दुर्भावना नहीं रखता। #आपरेशनस्वाभिमान #fbviralpost2025シ #🇮🇳 देशभक्ति #👍 मोदी फैन क्लब #✊ भारत में बदलाव #📰योगी आदित्यनाथ #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
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