१.५ ह व्ह्यू · २४५ प्रतिक्रिया | लकड़ी के कीड़े कुर्सी खाते हैं, और 'कुर्सी' के कीड़े पूरा देश! 🪑🇮🇳 क्या 140 करोड़ के देश की नींव इतनी कमज़ोर हो गई है कि एक 14 साल के बच्चे के सवालों से हिल जाए? 😟 आज एक अजीब दौर है। एक तरफ अस्वमित है—महज 14 साल का एक लड़का। न हाथ में पत्थर, न जुबान पर गाली। उसके पास सिर्फ एक ही हथियार है— ज्ञान और सवाल। 📚 अस्वमित कोई साधारण बच्चा नहीं है। जिस उम्र में बच्चे वीडियो गेम्स में उलझे होते हैं, उस उम्र में इस बच्चे ने डॉ. कलाम, बाबा साहेब अंबेडकर, भगत सिंह और कार्ल मार्क्स को घोट कर पी लिया है। वह देश के कानून और संविधान को इतनी गहराई से जानता है कि अच्छे-अच्छे विद्वान भी हैरान रह जाएं। सरकार इस बच्चे को जेल में डालने पर आमादा है। उस पर FIR दर्ज की गई है। जुर्म? सिर्फ इतना कि उसने सत्ता की आंखों में आंखें डालकर ऐसे सवाल पूछे, जिनका जवाब शायद सिस्टम के पास है ही नहीं। सोचने वाली बात है... जिस देश के पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है, लाखों की पुलिस फोर्स है, वह एक निहत्थे 14 साल के बालक से इतना क्यों डर गई? 🤔 डर बच्चे से नहीं है, डर उसकी सोच से है। क्योंकि जब एक पढ़ा-लिखा नागरिक (भले ही वह बच्चा हो) सवाल करता है, तो सिंहासन डोलने लगते हैं। क्या हमारे लोकतंत्र में अब सवाल पूछना भी गुनाह है? अगर आज हम अस्वमित की आवाज़ के लिए नहीं खड़े हुए, तो कल जब हमारे बच्चों की आवाज़ दबाई जाएगी, तब कौन बोलेगा? यह सिर्फ अस्वमित की लड़ाई नहीं है, यह अभिव्यक्ति की आज़ादी (Freedom of Speech) की लड़ाई है। ✊🔥 आप क्या सोचते हैं? क्या एक बच्चे के सवालों से सरकार को डरना चाहिए? अपनी राय कमेंट्स में जरूर दें। 👇 #JusticeForAswamit #FreedomOfSpeech #Democracy #QuestionsMatter #VoiceOfTruth #India #SystemFailure | Baba Akgautam
लकड़ी के कीड़े कुर्सी खाते हैं, और 'कुर्सी' के कीड़े पूरा देश! 🪑🇮🇳
क्या 140 करोड़ के देश की नींव इतनी कमज़ोर हो गई है कि एक 14 साल के बच्चे के सवालों से...