#💓 मोहब्बत दिल से
तेरे लबों को छू लूं वो शाम आ जाए,
तेरे प्यार में बहने का पैगाम आ जाए..
ये जिंदगी तो है तेरी अमानत,
बस तेरे नाम के साथ मेरा नाम आ जाए...।।
“नज़र अक्सर शिकायत आजकल करती है दर्पण से,
थकन भी चुटकियाँ लेने लगी है तन से और मन से,
कहाँ तक हम संभाले उम्र का हर रोज़ गिरता घर,
तुम अपनी याद का मलबा हटाओ दिल के आँगन से..!”😊❤
#💓 मोहब्बत दिल से