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mukesh kumar Mukesh
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mukesh kumar Mukesh
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16 hours ago
#🌞 Good Morning🌞 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🙏गुरु महिमा😇 #🌷शुभ रविवार https://youtu.be/OYmCrUyDvkw New bhajan like share subscribe Siddhi Shyam musics/#RamBhajan #Ramcharitmanas #JaiShriRam #BhaktiSong #DevotionalSong #RamNaam #Bhajan2026 #SpiritualSong #MukiMusic #MukeshTiwari #SiddhiShyamMusics #BhaktiGyan #RamBhakti #TrendingBhajan 🙏
mukesh kumar Mukesh
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16 hours ago
#🌞 Good Morning🌞 #💓 मोहब्बत दिल से #🙏गुरु महिमा😇 #🌷शुभ रविवार आज का भगवद चिंतन- 1️⃣7️⃣1️⃣5️⃣ 🌹 *श्रीराधा कृपा* एक बार जब श्री राधारानी ने श्री सेवाकुञ्ज में रास में आने में बहुत देर लगा दी तब श्यामसुन्दर धीरता ना रख सके और उनके विरह में रोने लगे। जब राधा रानी रास-मण्डल में पधारी तभी श्याम मान ठान कर बैठ गए। राधा रानी बोली-- ‘ललिते इन महाराज को क्या हुआ मुँह फुलाय काहे बैठे हैं।’ ललिता जी ने पूरी कथा सुना दी। राधा रानी मुस्कुराते हुए श्याम के चिबुक पर हाथ लगाया। जैसे ही लगाया श्याम के चिबुक पर ‘दाल-चावल’ लग गए। श्याम और मान ठान बैठे, बोले-- ‘एक तो देर से और अब हमारे मुख पर दाल भात लगाय सखियों से मज़ाक़ करवाओगी।’ राधा रानी मुस्कुरा के बोली-- ‘ललिते एक बात बताओ, यह सब जो बाबा लोग हैं और जितने भी भजनानंदी हैं यह सब अपना घर-बार छोड़ ब्रज रज में भजन करने आवे, इन्हें यहां लाने वाला कौन हैं ?’ ललिता जी बोलीं-- ‘यही आपके श्यामसुन्दर तो।’ इस पर राधाजी बोलीं-- ‘ललिता क्या इनका कर्तव्य नहीं बनता के जो इनके नाम का पान करने घर छोड़ भजन करने वृन्दावन आए और इनके नाम कीर्तन करते हैं, तो इन्हें उनका ख्याल रखना चाहिए।' ‘अब आज इतनी घनघोर वर्षा हुई कि वृन्दावन के आज दस महात्मा कहीं मधुकरी करने ना जा सके, तब वो सोचे ‘जैसे ठाकुरजी की इच्छा’ और वे खाली पेट सोने लगे तभी मैं वहीं से गुजर रही थी रास-मण्डल के लिए मैंने तभी जल्दी-जल्दी उन दस महात्माओं के लिए दाल भात बनायी और अपने हाथों से परोस आयी और कहा-- ‘बाबा मोहे मेरी मैया ने भेजा हैं, आप मधुकरी करने को ना-गए-ना। तभी मोहे देर हो गयी और जल्दी-जल्दी में अपने हाथ ना धो सकी तो हाथ में दाल-भात लगा ही रह गया।’ इस पर श्याम रोने लगे और चरण पड़कर बोले-- ‘राधे! वैराग्य उत्पन्न करा घर बार छुड़ानौ तो मेरा काम हैं। परन्तु उन सब को प्रेम, दुलार, सम्मान और उनकी रक्षा करना उन्हें अपनी गोद में लेकर बार-बार कहना कृपा होगी, होगी, होगी, ‘मैं हूँ ना’ यह सब तो आप ही करना जानती हो।’ *🙏🏻 जय श्री राधे कृष्णा जी 🙏🏻*
mukesh kumar Mukesh
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1 days ago
#💓 मोहब्बत दिल से #🙏गुरु महिमा😇 #🌞 Good Morning🌞 #🌷शुभ रविवार Sakal Ram May Jani 🙏 | Ram Bhajan | Maya vs Bhakti | Soulful Devotional Song, Siddhi Shyam Musics।#RamBhajan #Ramcharitmanas #JaiShriRam #BhaktiSong #DevotionalSong #RamNaam #Bhajan2026 #SpiritualSong #MukiMusic #MukeshTiwari #SiddhiShyamMusics #BhaktiGyan #RamBhakti #TrendingBhajan 🙏🌸 Siddhi Shyam Musics Presents 🌸 Mukesh Tiwari Presents 🎧 🎵 भजन: सकल जीव राममय जानी 🙏 (Ramcharitmanas Inspired | Deep Spiritual Bhakti Song) 🕉️ भजन परिचय: “सकल जीव राममय जानी” एक अत्यंत गूढ़ और आध्यात्मिक भजन है, जो रामचरितमानस की अमूल्य वाणी से प्रेरित है। यह भजन हमें यह सिखाता है कि इस संसार में जो कुछ भी है — जड़ और चेतन — सबमें भगवान श्रीराम का ही वास है। इस भजन के माध्यम से माया, भक्ति और ब्रह्म ज्ञान के गहरे रहस्यों को सरल और भावपूर्ण संगीत में प्रस्तुत किया गया है। यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि आत्मा को जागृत करने वाला एक आध्यात्मिक अनुभव है। 🌼 भजन का संदेश: 👉 संपूर्ण जगत राममय है — हर जीव में ईश्वर का वास है 👉 “मैं और मेरा” ही माया का बंधन है 👉 सच्ची भक्ति से ही माया से मुक्ति संभव है 👉 राम नाम ही जीवन का परम सत्य और सहारा है 12/4/26/-7: Am Sunday
mukesh kumar Mukesh
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1 days ago
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🙏गुरु महिमा😇 #🌷शुभ रविवार #💓 मोहब्बत दिल से #🌞 Good Morning🌞 धाम से ठाकुर श्रीबांके बिहारी जी के आज के सुंदर श्रंगार दर्शन , तथा परम भागवत रत्नाकर , पद संख्या 472 🌹जय जय श्री राधे 🌹🙏🌹* हुआ समर्पण प्रभु-चरणोंमें जो कुछ था सब-मैं-मेरा। अग-जगसे उठ गया सदाको चिर-संचित सारा डेरा॥ मेरी सारी ममताका अब रहा सिर्फ प्रभुसे सम्बन्ध। प्रीति, प्रतीति, सगाई सबही मिटी, खुल गये सारे बन्ध॥ प्रेम उन्हींमें, भाव उन्हींका, उनमें ही सारा संसार। उनके सिवा, शेष कोई भी बचा न जिससे हो व्यवहार॥ नहीं चाहती जाने कोई मेरी इस स्थितिकी कुछ बात। मेरे प्राणप्रियतम प्रभुसे भी यह सदा रहे अज्ञात॥ सुन्दर सुमन सरस सुरभित मृदुसे मैं नित अर्चन करती। अति गोपन, वे जान न जायें कभी, इसी डरसे डरती॥ मेरी यह शुचि अर्चा चलती रहे सुरक्षित काल अनन्त। रहूँ कहीं भी कैसे भी, पर इसका कभी न आये अन्त॥ इस मेरी पूजासे पाती रहूँ नित्य मैं ही आनन्द। बढ़े निरन्तर रुचि अर्चामें, बढ़े नित्य ही परमानन्द॥ बढ़ती अर्चा ही अर्चाका फल हो एकमात्र पावन। नित्य निरखती रहूँ रूप मैं उनका अतिशय मनभावन॥ वे न देख पायें पर मुझको, मेरी पूजाको न कभी। देख पायँगे वे यदि, होगा भाव-विपर्यय पूर्ण तभी॥ रह नहिं पायेगा फिर मेरा यह एकाङ्गी निर्मल भाव। फिर तो नये-नये उपजेंगे प्रियसे सुख पानेके चाव॥
mukesh kumar Mukesh
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1 days ago
#🌞 Good Morning🌞 #💓 मोहब्बत दिल से #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🙏गुरु महिमा😇 धाम से श्रीराधा रानी के आज के सुंदर संध्या दर्शन।🌹 जय जय श्रीराधे 🌹🙏🌹*