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तैयारी पूरी है .. बस एक बार इनके बराबर (80करोड़) हो जाएं ...फिर..!!! हिंदुओं तुम हम दो हमारे दो करते रहना, तुम सेक्युलरिज्म की दवा चाटते रहना, तुम भाईचारा निभाते रहना और वो अपनी तैयारी में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं बस कुछ समय और फिर जो होगा उसकी कल्पना भी नहीं कर पाओगे..देख लो मौलाना साफ साफ अपनी ये अपने लोगों को मंशा को बता रहा है इतना साफ शब्दों में।मौलाना एक कहा भी यदि कोई हिंदू ना समझ पाए तो उसकी बुद्धिमता को क्या ही कहें। पाकिस्तान, बांग्लादेश , कश्मीर, बंगाल ये सब तो ट्रेलर मात्र माने जा सकते है अब इनकी तैयारी पूरी फिल्म बनाने की है... अब भी समय है जाग जाओ और समस्या का हर संभव समाधान खोजों तथा उसपर काम करो.. #📱वायरल वीडियो
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🍁एकही बेटा नपुसंक पिता🍁 ✍ बंधुओं ! एक षड्यन्त्र के तहत हिन्दु समाज में जनसंख्या नियंत्रण करने के लिए या यूँ कहें तो हिन्दु समाज के जन संख्या को समाप्त करने की सरकार द्वारा एक ट्रेड निकाला गया था *हम दो हमारे दो* । जब इससे भी जनसंख्याओं का नियंत्रण नहीं हुआ तो फिर दोबारा एक ट्रेड निकाला गया *शेर के बच्चा एकही अच्छा* । इस ट्रेड के तहत हिंदू समाज अपने आपको शेर समझने लगा और सिर्फ एकही बच्चा पैदा करने में अपने आपको मर्दानगी दिखाने लगा । ✍ एक बच्चा पैदा करने का मतलब है कि हिंदू समाज अपने पतन के कगार पर है । संयुक्त परिवार के साथ-साथ रिश्तो के भी पतन होने लगी है क्योंकि हिन्दु समाज शेर है और शेर का बच्चा एकही अच्छा ❓ मगर जंगलों में जाकर देख लीजिए शेर का भी दो-चार बच्चे होते हैं एक नहीं । बच्चे पैदा करने में हिन्दु समाज शेर नहीं नपुंसक बन गया है और नपुसंकता के तहत एक नया ट्रेड चलानी चाहिए *एकही बेटा नपुंसक पिता* और *एकही बेटी उसठ खेती* ताकि कहीं हमारे हिंदू समाज की आंखें खुले । ✍ यदि हम एक बच्चा पैदा कर दूसरा बच्चा पैदा करने में सक्षम नहीं है तो या तो हम नपुंसकता का शिकार हो गए हैं या बच्चे को लालन पालन एवं उसे पढ़ाने लिखाने की मर्दानगी हममें समाप्त हो चुकी है । अतः कहीं हमारी कमियां समाज के सामने उजागर ना हो जाए इसलिए हम संयुक्त परिवार से दूर भाग कर एकांकी जीवन का बढ़ावा दे रहे हैं । हम यह नहीं सोंचते है कि हमारे बच्चों को भी चाहना होता होगा कि काश ! हमारा भी कोई भाई होता, बहन होती ❓ ✍ *एकही बेटी उसठ खेती* का मतलब है हम अपनी जीवन को वीरान बनाने के साथ ही साथ अपने पूर्वजों के वंशजों को गला घोट रहे हैं । भविष्य में जल तर्पण के लिए उनके आत्मा हमेशा ललायित रहेगी । वे हमेशा हमें कोसते रहेंगे । हमारे द्वारा कमाए गए सारे धन एवं पूर्वजों के अर्जित सम्पत्ति उसठ खेती के समान वीरान पड़ जाएगा जिसे देखने वाला कोई नहीं होगा । भविष्य में हमारे एवं हमारे पूर्वजों के नामोनिशान तक मिट जाएगा । इसलिए----- ✍ एकही संतान के तहत हम अपने बेटे बेटियों का बड़े छोटे भाई बहनों के प्यार से वंचित तो कर ही रहे हैं साथ ही साथ अपने बच्चों के संतानों से, उसके चाचा, ताउ, बुआ आदि का सम्बन्ध भी छिन रहे हैं । आने वाले समय यानि हमारे बच्चों के संतान इस संसार में सिर्फ अकेला महसूस करेगा । वह हमे नपुंसकता करार देते हुए अपने एकांकी जीवन जीने का सारा दोष अपने पूर्वज यानि हम आप पर ठहरायेगा । अतः *एकही बेटा नपुंसक पिता* का ट्रेंडमार्क ना बनकर, *चार बेटा सफल पिता* या *चार संतान खुशी इंसान* का ट्रेडमार्क बनिए । #📱वायरल वीडियो
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