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Prabhudas Gavit Navapadakar
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Prabhudas Gavit Navapadakar
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18 hours ago
यशायाह 37:24-27 HINOVBSI [24] अपने कर्मचारियों के द्वारा तू ने प्रभु की निन्दा करके कहा है कि बहुत से रथ लेकर मैं पर्वतों की चोटियों पर वरन् लबानोन के बीच तक चढ़ आया हूँ; मैं उसके ऊँचे ऊँचे देवदारों और अच्छे अच्छे सनौवरों को काट डालूँगा और उसके दूर दूर के ऊँचे स्थानों में और उसके वन की फलदाई बारियों में प्रवेश करूँगा। [25] मैं ने खुदवाकर पानी पिया और मिस्र की नहरों में पाँव रखते ही उन्हें सुखा दिया। [26] क्या तू ने नहीं सुना कि प्राचीनकाल से मैं ने यही ठाना और पूर्वकाल से इसकी तैयारी की थी? इसलिये अब मैं ने यह पूरा भी किया है कि तू गढ़वाले नगरों को खण्डहर ही खण्डहर कर दे। [27] इसी कारण उनके रहनेवालों का बल घट गया और वे विस्मित और लज्जित हुए : वे मैदान के छोटे छोटे पेड़ों और हरी घास और छत पर की घास और ऐसे अनाज के समान हो गए जो बढ़ने से पहले ही सूख जाता है। https://bible.com/bible/1683/isa.37.24-27.HINOVBSI #पवित्र बाइबल #🌸 सत्य वचन #✝यीशु वचन #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
Prabhudas Gavit Navapadakar
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1 days ago
यशायाह 37:21-23 HINOVBSI [21] तब आमोस के पुत्र यशायाह ने हिजकिय्याह के पास यह कहला भेजा, “इस्राएल का परमेश्‍वर यहोवा यों कहता है कि तू ने जो अश्शूर के राजा सन्हेरीब के विषय में मुझ से प्रार्थना की है, [22] उसके विषय यहोवा ने यह वचन कहा है, ‘सिय्योन की कुमारी कन्या तुझे तुच्छ जानती है और ठट्ठों में उड़ाती है; यरूशलेम की पुत्री तुझ पर सिर हिलाती है। [23] ‘तू ने किस की नामधराई और निन्दा की है? तू ने जो बड़ा बोल बोला और घमण्ड किया है, वह किस के विरुद्ध किया है? इस्राएल के पवित्र के विरुद्ध! https://bible.com/bible/1683/isa.37.21-23.HINOVBSI #✝यीशु वचन #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 पवित्र बाइबल
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2 days ago
यशायाह 37:14-20 HINOVBSI [14] इस पत्री को हिजकिय्याह ने दूतों के हाथ से लेकर पढ़ा; तब उसने यहोवा के भवन में जाकर उस पत्री को यहोवा के सामने फैला दिया, [15] और यहोवा से यह प्रार्थना की, [16] “हे सेनाओं के यहोवा, हे करूबों पर विराजमान इस्राएल के परमेश्‍वर, पृथ्वी के सब राज्यों के ऊपर केवल तू ही परमेश्‍वर है; आकाश और पृथ्वी को तू ही ने बनाया है। [17] हे यहोवा, कान लगाकर सुन; हे यहोवा, आँख खोलकर देख; और सन्हेरीब के सब वचनों को सुन ले, जिसने जीवते परमेश्‍वर की निन्दा करने को लिख भेजा है। [18] हे यहोवा, सच तो है कि अश्शूर के राजाओं ने सब जातियों के देशों को उजाड़ा है [19] और उनके देवताओं को आग में झोंका है; क्योंकि वे ईश्‍वर न थे; वे केवल मनुष्यों की कारीगरी, काठ और पत्थर ही थे; इस कारण वे उनका नाश कर सके। [20] अब हे हमारे परमेश्‍वर यहोवा, तू हमें उसके हाथ से बचा जिस से पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है।” https://bible.com/bible/1683/isa.37.14-20.HINOVBSI #पवित्र बाइबल #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #😇मन शांत करने के उपाय #🌸 सत्य वचन
Prabhudas Gavit Navapadakar
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4 days ago
यशायाह 37:8-13 HINOVBSI [8] तब रबशाके ने लौटकर अश्शूर के राजा को लिब्ना नगर से युद्ध करते पाया; क्योंकि उसने सुना था कि वह लाकीश के पास से उठ गया है। [9] उसने कूश के राजा तिर्हाका के विषय यह सुना कि वह उससे लड़ने को निकला है। तब उसने हिजकिय्याह के पास दूतों को यह कहकर भेजा, [10] “तुम यहूदा के राजा हिजकिय्याह से यों कहना, ‘तेरा परमेश्‍वर जिस पर तू भरोसा करता है, यह कहकर तुझे धोखा न देने पाए कि यरूशलेम अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा। [11] देख, तू ने सुना है कि अश्शूर के राजाओं ने सब देशों से कैसा व्यवहार किया कि उनका सत्यानाश ही कर दिया। [12] फिर क्या तू बच जाएगा? गोज़ान और हारान और रेसेप में रहनेवाली जिन जातियों को और तलस्सार में रहनेवाले एदेनी लोगों को मेरे पुरखाओं ने नष्‍ट किया। क्या उनके देवताओं ने उन्हें बचा लिया? [13] हमात का राजा, अर्पाद का राजा, सपर्वैम नगर का राजा, और हेना और इव्वा के राजा, ये सब कहाँ गए?’ ” https://bible.com/bible/1683/isa.37.8-13.HINOVBSI #पवित्र बाइबल #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #😇मन शांत करने के उपाय #🌸 सत्य वचन
Prabhudas Gavit Navapadakar
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6 days ago
यशायाह 37:1-4 HINOVBSI [1] जब हिजकिय्याह राजा ने यह सुना, तब वह अपने वस्त्र फाड़ और टाट ओढ़कर यहोवा के भवन में गया। [2] उसने एल्याकीम को जो राजघराने के काम पर नियुक्‍त था और शेब्ना मन्त्री को और याजकों के पुरनियों को जो सब टाट ओढ़े हुए थे, आमोस के पुत्र यशायाह नबी के पास भेज दिया। [3] उन्होंने उससे कहा, “हिजकिय्याह यों कहता है, ‘आज का दिन संकट और उलाहने और निन्दा का दिन है, बच्‍चे जन्मने पर हुए पर ज़च्‍चा को जनने का बल न रहा। [4] सम्भव है कि तेरे परमेश्‍वर यहोवा ने रबशाके की बातें सुनीं जिसे उसके स्वामी अश्शूर के राजा ने जीवते परमेश्‍वर की निन्दा करने को भेजा है, और जो बातें तेरे परमेश्‍वर यहोवा ने सुनी हैं उसके लिये उन्हें दपटे; अत: तू इन बचे हुओं के लिये जो रह गए हैं, प्रार्थना कर।’ ” https://bible.com/bible/1683/isa.37.1-4.HINOVBSI #पवित्र बाइबल #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🌸 सत्य वचन #😇मन शांत करने के उपाय
Prabhudas Gavit Navapadakar
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7 days ago
यशायाह 36:18-22 HINOVBSI [18] ऐसा न हो कि हिजकिय्याह यह कहकर तुम को बहकाए कि यहोवा हम को बचाएगा। क्या और जातियों के देवताओं ने अपने अपने देश को अश्शूर के राजा के हाथ से बचाया है? [19] हमात और अर्पाद के देवता कहाँ रहे? सपर्वैम के देवता कहाँ रहे? क्या उन्होंने शोमरोन को मेरे हाथ से बचाया है? [20] देश देश के सब देवताओं में से ऐसा कौन है जिसने अपने देश को मेरे हाथ से बचाया हो? फिर क्या यहोवा यरूशलेम को मेरे हाथ से बचाएगा?’ ” [21] परन्तु वे चुप रहे और उसके उत्तर में एक बात भी न कही, क्योंकि राजा की ऐसी आज्ञा थी कि उसको उत्तर न देना। [22] तब हिल्किय्याह का पुत्र एल्याकीम जो राजघराने के काम पर नियुक्‍त था और शेब्ना जो मन्त्री था और आसाप का पुत्र योआह जो इतिहास का लेखक था, इन्होंने हिजकिय्याह के पास वस्त्र फाड़े हुए जाकर रबशाके की बातें कह सुनाईं। https://bible.com/bible/1683/isa.36.18-22.HINOVBSI #पवित्र बाइबल #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🌸 सत्य वचन #😇मन शांत करने के उपाय
Prabhudas Gavit Navapadakar
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8 days ago
यशायाह 36:15-17 HINOVBSI [15] ऐसा न हो कि हिजकिय्याह तुम से यह कहकर यहोवा का भरोसा दिलाने पाए कि यहोवा निश्‍चय हम को बचाएगा कि यह नगर अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा। [16] हिजकिय्याह की मत सुनो; अश्शूर का राजा कहता है, भेंट भेजकर मुझे प्रसन्न करो और मेरे पास निकल आओ; तब तुम अपनी अपनी दाखलता और अंजीर के वृक्ष के फल खा पाओगे, और अपने अपने कुण्ड का पानी पिया करोगे; [17] जब तक मैं आकर तुम को ऐसे देश में न ले जाऊँ जो तुम्हारे देश के समान अनाज और नये दाखमधु का देश, और रोटी और दाख की बारियों का देश है। https://bible.com/bible/1683/isa.36.15-17.HINOVBSI #पवित्र बाइबल #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🌸 सत्य वचन #😇मन शांत करने के उपाय
Prabhudas Gavit Navapadakar
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11 days ago
यशायाह 36:7-10 HINOVBSI [7] फिर यदि तू मुझ से कहे कि हमारा भरोसा अपने परमेश्‍वर यहोवा पर है, तो क्या वह वही नहीं है जिसके ऊँचे स्थानों और वेदियों को ढा कर हिजकिय्याह ने यहूदा और यरूशलेम के लोगों से कहा कि तुम इस वेदी के सामने दण्डवत् किया करो? [8] इसलिये अब मेरे स्वामी अश्शूर के राजा के साथ वाचा बाँध तब मैं तुझे दो हज़ार घोड़े दूँगा, यदि तू उन पर सवार चढ़ा सके। [9] फिर तू रथों और सवारों के लिये मिस्र पर भरोसा रखकर मेरे स्वामी के छोटे से छोटे कर्मचारी को भी कैसे हरा सकेगा? [10] क्या मैं ने यहोवा के बिना कहे इस देश को उजाड़ने के लिये चढ़ाई की है? यहोवा ने मुझ से कहा है, उस देश पर चढ़ाई करके उसे उजाड़ दे।’ ” https://bible.com/bible/1683/isa.36.7-10.HINOVBSI #पवित्र बाइबल #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #😇मन शांत करने के उपाय #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🌸 सत्य वचन
Prabhudas Gavit Navapadakar
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12 days ago
यशायाह 36:4-6 HINOVBSI [4] रबशाके ने उनसे कहा, “हिजकिय्याह से कहो, ‘महाराजाधिराज अश्शूर का राजा यों कहता है कि तू किसका भरोसा किए बैठा है? [5] मेरा कहना है कि क्या मुँह से बातें बनाना ही युद्ध के लिये पराक्रम और युक्‍ति है? तू किस पर भरोसा रखता है, कि तू ने मुझ से बलवा किया है? [6] सुन, तू तो उस कुचले हुए नरकट अर्थात् मिस्र पर भरोसा रखता है; उस पर यदि कोई टेक लगाए तो वह उसके हाथ में चुभकर छेद कर देगा। मिस्र का राजा फ़िरौन उन सब के साथ ऐसा ही करता है जो उस पर भरोसा रखते हैं। https://bible.com/bible/1683/isa.36.4-6.HINOVBSI #पवित्र बाइबल #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🌸 सत्य वचन #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #😇मन शांत करने के उपाय
Prabhudas Gavit Navapadakar
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13 days ago
यशायाह 36:1-3 HINOVBSI [1] हिजकिय्याह राजा के चौदहवें वर्ष में, अश्शूर के राजा सन्हेरीब ने यहूदा के सब गढ़वाले नगरों पर चढ़ाई करके उनको ले लिया। [2] अश्शूर के राजा ने रबशाके को बड़ी सेना देकर लाकीश से यरूशलेम के पास हिजकिय्याह राजा के विरुद्ध भेज दिया; और वह ऊपरी पोखरे की नहर के पास धोबियों के खेत की सड़क पर जाकर खड़ा हुआ। [3] तब हिल्किय्याह का पुत्र एल्याकीम जो राजघराने के काम पर नियुक्‍त था, और शेब्ना जो मन्त्री था, और आसाप का पुत्र योआह जो इतिहास का लेखक था, ये तीनों उससे मिलने को बाहर निकल गए। https://bible.com/bible/1683/isa.36.1-3.HINOVBSI #पवित्र बाइबल #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #😇मन शांत करने के उपाय #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🌸 सत्य वचन