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जानें कब है माता यशोदा जन्मोत्सव | यशोदा जयंती 2026, पूजा विधि, मंत्र, महत्व हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को यशोदा जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन माताएं अपने बच्चों के लिए व्रत करती हैं और उनके सुख की मंगलकामनाएं करती हैं इस दिन संतान सुख से वंचित लोग यदि माता यशोदा का व्रत रखकर विधिपूर्वक पूजन करते हैं, तो उन्हें संतान सुख प्राप्त होता है। #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #YashodaJayanti2026 https://www.radheradheje.com/yashoda-jayanti-2026-puja-vidhi-mantra-mahatva/
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*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 03 फरवरी 2026* *⛅दिन - मंगलवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - शिशिर* *⛅मास - फाल्गुन* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - द्वितीया रात्रि 12:40 फरवरी 04 तक तत्पश्चात् तृतीया* *⛅नक्षत्र - मघा रात्रि 10:10 तक तत्पश्चात् पूर्वाफाल्गुनी* *⛅योग - शोभन रात्रि 02:39 फरवरी 04 तक तत्पश्चात् अतिगण्ड* *⛅राहुकाल - दोपहर 03:28 से शाम 04:51 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 07:06* *⛅सूर्यास्त - 06:16 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:23 से प्रातः 06:15 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:19 से दोपहर 01:03 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:15 फरवरी 04 से रात्रि 01:06 फरवरी 04 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* https://whatsapp.com/channel/0029VaARDIOAojYzV7E44245 *🔹शात्रों में वर्णित गौ-महिमा🔹* *🔸जो प्रतिदिन स्नान करके गौ का स्पर्श करता है, वह मनुष्य सब प्रकार के स्थूल पापों से भी मुक्त हो जाता है । जो गौओं के खुर से उडी हुई धूल को सिर पर धारण करता है, वह मानो तीर्थ के जल में स्नान कर लेता है और सभी पापों से छुटकारा पा जाता है । (पद्म पुराण, सृष्टि खंड, अध्याय:५७)* *🔸गौ का स्पर्श करने, सात्त्विक-सदाचारी ब्राह्मण को नमस्कार करने और सद्गुरु, देवता का भलीभाँति पूजन करने से गृहस्थ सारे पापों से छुट जाते हैं । (स्कंद पुराण, प्रभास खंड)* *🔸गंडस्पर्श कर लेने मात्र से ही गौएँ मनुष्य के समस्त पापों को नष्ट कर देती हैं और आदरपूर्वक सेवन किये जाने पर अपार सम्पत्ति प्रदान करती हैं । वे ही गायें दान दिये जाने पर सीधे स्वर्ग ले जाती हैं । ऐसी गौओं के समान और कोई भी धन नहीं हैं । (बृहत्पराशर स्मृति)* *🔸जो प्यास से व्याकुल हुई गौओं को पानी पीने से विघ्न डालता है, उसे ब्रह्मघाती समझना चाहिए । (महाभारत, अनुशासन पर्व : २४.७ )* *🔸जो एक वर्ष तक प्रतिदिन स्वयं भोजन के पहले दुसरे की गाय को एक मुट्ठी घास खिलाता है, उसका वह व्रत समस्त कामनाओं को पूर्ण करनेवाला होता है । (महाभारत, अनुशासन पर्व : ६९.१२)* *🔸प्रतिपदा का चन्द्र-दर्शन केवल गाय ही कर पाती है । यमदूतों व प्रेतत्माओं को देख लेने में गाय सक्षम है । उनके दिखने पर वह विशिष्ट प्रकार की आवाज निकालने लगती है । गाय रँभाने की तरंगे जहाँ तक पहुँचती हैं वहाँ तक आसुरी शक्तियों का प्रभाव नष्ट हो जाता है ।* #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
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*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 02 फरवरी 2026* *⛅दिन - सोमवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - शिशिर* *⛅मास - फाल्गुन* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - प्रतिपदा रात्रि 01:52 फरवरी 03 तक तत्पश्चात् द्वितीया* *⛅नक्षत्र - अश्लेशा रात्रि 10:47 तक तत्पश्चात् मघा* *⛅योग - आयुष्मान् प्रातः 07:21 तक, तत्पश्चात् सौभाग्य प्रातः 04:46 फरवरी 03 तक, तत्पश्चात् शोभन* *⛅राहुकाल - सुबह 08:31 से सुबह 09:54 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 07:07* *⛅सूर्यास्त - 06:15 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:24 से प्रातः 06:15 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:18 से दोपहर 01:03 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:15 फरवरी 03 से रात्रि 01:06 फरवरी 03 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - फाल्गुन प्रारम्भ(उत्तर), इष्टि* *🌥️विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाएं क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* https://whatsapp.com/channel/0029VaARDIOAojYzV7E44245 *🔹यज्ञ के समय ध्यान रखने योग्य बातें🔹* *🔸यज्ञ करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है :* *१] याजक को यज्ञ करते समय सिले हुए चुस्त कपड़े नहीं पहनने चाहिए, खुले कपड़े पहनने चाहिए ताकि यज्ञ का जो वातावरण या सात्त्विक धुआँ है वह रोमकूपों पर सीधा असर करे ।* *२] अग्नि की ज्वाला सीधी आकाश की तरफ जाती है अत: यज्ञमंडप के ऊपर छप्पर होना चाहिए ताकि यज्ञ की सामग्री का जो प्रभाव है वह सीधा ऊपर न जाय, आसपास में फैले ।* *३] यज्ञ में जो वस्तुएँ डाली जाती हैं उनके लाभकारी रासायनिक प्रभाव को उत्पन्न करने में जो लकड़ी मदद करती है वैसी ही लकड़ी होनी चाहिए । इसलिए कहा गया है : ‘अमुक यज्ञ में पीपल की लकड़ी हो.... अमुक यज्ञ में आम की लकड़ी हो....’ ताकि लकड़ियों का एवं यज्ञ की वस्तुओं का रासायनिक प्रभाव वातावरण पर पड़े ।* #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
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श्री ललिता सहस्रनाम स्तोत्र pdf | धन, सौभाग्य और ऐश्वर्य देने वाला दिव्य पाठ #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स श्री ललिता सहस्रनाम स्तोत्रम् सर्वसौभाग्य एवं ऐश्वर्य दायक श्रीललिता सहस्त्रनाम का पाठ कर धन सम्बंधित समस्याओ से छुटकारा पाये इस पाठ को नित्य संध्याकाल में शुद्ध मन से पाठ करने पर माँ त्रिपुर सुंदरी प्रसन्न होकर धन ऐश्वर्य प्रदान करती है। https://www.radheradheje.com/shri-lalita-sahasranama-stotram/
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