कल रात मेरी खिड़की पर
किसी ने हल्की दस्तक दी
नींद जो मेरी टूटी तो
मैं चौंका और करवट ली
मदहोशी में उठ कर बैठा
आँख मली अंगड़ाई ली
उठ कर खिड़की खोली तो
देखा चाँदनी आई थी
आते ही मेरे बिस्तर पर
वो टूट कर बिखर गई
उसकी मख़मल ख़ुशबू से
चादर की सिल्वट निखर गई
बोली एक संदेसा है
मैं बहुत दूर से आई हूँ
मसला बहुत ज़रूरी है
मैं तुझको लेने आई हूँ
चाँद की हालत ठीक नहीं
मायूस बड़ा मुरझाया है
संग मेरे चलना है तुमको
मिलने को बुलवाया है
हक्का बक्का आँखें मलता
मैं बिस्तर से हुआ खड़ा
चाँदनी का हाथ पकड़कर
चाँद से मिलने निकल पड़ा
पहुँचा मैं तो देखा सच में
चाँद का चेहरा उतरा था
चमक भी उसकी ओझल सी थी
ज़ख़्म बहुत ही गहरा था
बोला तुझको ख़बर नहीं है
मैंने दाग़ ये कैसे पाए हैं
जितने जग में दिल टूटे हैं
उतने ख़ंजर खाए हैं
मैं जगता हूँ मायूसी में
जब बाक़ी दुनिया सोती है
दीवानों का दर्द देख कर
मुझको पीड़ा होती है
रोज़ रात जब तू दीवाना
मुझको इक टक तकता है
नाम तू उसका ले ले कर
आँहें भरता न थकता है
ठीक उसी वक़्त वो पगली भी
अपनी छत पर होती है
मुझसे दिल की बातें कर
फूट फूट कर रोती है
मुझे अपने दाग़ों से ज़्यादा
उसके आँसूँ खलते हैं
जो काली तनहा रातों में
शबनम जैसे झरते हैं
ये कैसा है प्रेम तुम्हारा
इतनी तड़पन कैसी है
जैसे मुझ बिन चाँदनी
दिल बिन धड़कन कैसी है
उसकी धड़कन तेरी आहें
बस एक कहानी कहती हैं
तू उसकी साँसों में बसता
वो तेरी रगों में बहती है
हर गहरे सागर से गहरी
पाक मोहब्बत करते हो
ख़ुदा तुम्हारा खेवैया है
और तूफ़ानों से डरते हो ?
करवा चौथ भी मुझ से ही
ईद मुझी से होती है
प्रेम में दुनिया से लड़ने की
उम्मीद मुझी से होती है
आज तू मेरा कहा मान कर
हिम्मत ज़रा जुटा लेना
जात पात और धर्म कर्म के
भेद सभी मिटा देना
आज तू मुझको गवाह मान कर
अपना उसे बना लेना
चुटकी भर चाँदी ले जा कर
उसकी माँग सजा देना
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आज प्रिये मैं पास तुम्हारे
सपनों पर चल कर आया हूँ
एक चाँद के पास मैं दूजे
चाँद से मिलकर आया हूँ
चाँद ने मुझको हिम्मत दी है
चल सारे बंधन तोड़ चलें
दुनिया ये ख़ुदगर्ज़ बहुत है
इससे हम मुँह मोड़ चलें
सब कुछ पीछे छोड़ चलें
इस जग ने बहुत सताया है
चल तारों के बीच चलें
चाँद ने हमें बुलाया है
आओ मेरा हाथ थाम लो
दूर बहुत उड़ जाते हैं
चंदा के आँचल में हम
तारे बन जड़ जाते #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #🥰लव शायरी😘