औरत का पसंदीदा मर्द उसके नंगे शरीर को ना जाने कितने बार देखा होगा शरीर का कोई अंग ऐसा नई होगा जिसने उसे देखा नहीं होगा या स्पर्श नहीं किया होगा
लेकिन जब बात आती है फिर से ऐसा करने की तो भी ना जाने क्यों एक स्त्री की शर्म सामने आती है
अगर आप मुझसे पूछें कि प्यार क्या है, तो शायद मैं ढेर सारी बातें कह सकती हूं, लेकिन मेरे लिए प्यार का मतलब है "रवि"। वही रवि, जिसने मेरी जिंदगी को उस खुशी से भर दिया, जिसका मैंने कभी सपना देखा था।
मैं अंशिका, एक साधारण लड़की, जो हमेशा अपने सपनों में ऐसे इंसान की तलाश करती थी जो उसे समझे, उसका सम्मान करे और उसे बिना शर्त प्यार करे। और वो इंसान मुझे मिला – रवि।
हमारी पहली मुलाकात बाजार में हुई थी। वो भीड़ में सबसे अलग नजर आता था। उसकी आंखों में सच्चाई और चेहरे पर अजीब सी शांति थी, जिसने मुझे उसकी ओर खींच लिया। उसकी मासूमियत ने मेरे दिल को छू लिया। मैं जानती थी कि ये सिर्फ एक साधारण आकर्षण नहीं था।
धीरे-धीरे मैंने उससे मिलने के बहाने तलाशने शुरू कर दिए। और फिर एक दिन, मैंने हिम्मत करके उससे बात कर ही ली। पहली बार उसकी मुस्कान देखी, और सच कहूं तो उस दिन से मेरा दिल उसकी मुस्कान का गुलाम बन गया।
रवि में कोई बनावट नहीं थी। वो जैसा था, वैसा ही था। उसकी सादगी और ईमानदारी ने मुझे बार-बार उसकी तरफ खींचा। उसने कभी मुझे महंगे तोहफे नहीं दिए, लेकिन हर बार जब उसने मेरा हाथ थामा, तो मुझे ऐसा लगा जैसे पूरी दुनिया मेरी मुट्ठी में आ गई हो।
वो हमेशा मुझसे कहता, "अंशिका, तुम्हारी असली खूबसूरती तुम्हारे दिल में है।" और मैं उससे यही कहती, "और मेरी ये खूबसूरती सिर्फ तुम्हारे लिए है।"
एक बार मैंने उससे कहा, "रवि, तुम्हारी बाहों में मैं मरने को भी तैयार हूं।" उसने मेरी आंखों में देखा और मुस्कुराते हुए कहा, "और मैं तुम्हें हमेशा जीने के लिए तैयार करूंगा।" वो पल मेरे लिए हमेशा के लिए खास बन गया।
रवि ने मुझे सिखाया कि प्यार में दिखावा नहीं होता। प्यार वो एहसास है, जिसमें आप खुद को किसी और में खो देते हैं और फिर भी खुद को पा लेते हैं।
आज हमारी शादी को कई साल हो गए हैं। जब लोग मुझसे पूछते हैं, "अंशिका, तुम्हारे चेहरे पर ये चमक क्यों है?" तो मैं मुस्कुराकर जवाब देती हूं, "ये मेरे श्रृंगार का नहीं, मेरे रवि के प्यार का कमाल है।"
मेरे लिए रवि सिर्फ एक इंसान नहीं, बल्कि मेरी आत्मा का दूसरा हिस्सा है। वो मर्द जिसके गले लगकर मैं हर दर्द, हर डर भूल जाती हूं। वो मर्द, जिसकी बाहों में मुझे सुकून भी मिलता है और तसल्ली भी।
रवि ने मेरे जीवन को पूर्ण बना दिया है, और मैं मानती हूं कि अपने पसंदीदा व्यक्ति के प्यार में स्वार्थी होना हर स्त्री का हक है।
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