महात्मा ज्योतिबा फुले💐🙏💐

Praveen Kumar Yadav
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5 दिन पहले
सत्यशोधक समाज के संस्थापक,नारी शिक्षा के अग्रदूत एवं समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जयंती पर मैं आप को कोटिशः नमन तथा विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।आप की माता जी का नाम चिमणाबाई तथा पिता जी का नाम गोविंदराव था। उनका परिवार कई पीढ़ी पहले माली का काम करता था।वे सातारा से पुणे फूल लाकर फूलों के गजरे आदि बनाने का काम करते थे इसलिए उनकी पीढ़ी 'फुले' के नाम से जानी जाती थी। ज्योतिबा बहुत बुद्धिमान थे। उन्होंने मराठी में अध्ययन किया। वे महान क्रांतिकारी, भारतीय विचारक, समाजसेवी, लेखक एवं दार्शनिक थे। 1840 में ज्योतिबा का विवाह सावित्रीबाई से हुआ था। महाराष्ट्र में धार्मिक सुधार आंदोलन जोरों पर था। जाति-प्रथा का विरोध करने और एकेश्‍वरवाद को अमल में लाने के लिए ‘प्रार्थना समाज’ की स्थापना की गई थी जिसके प्रमुख गोविंद रानाडे और आरजी भंडारकर थे। उस समय महाराष्ट्र में जाति-प्रथा बड़े ही वीभत्स रूप में फैली हुई थी। स्त्रियों की शिक्षा को लेकर लोग उदासीन थे, ऐसे में ज्योतिबा फुले ने समाज को इन कुरीतियों से मुक्त करने के लिए बड़े पैमाने पर आंदोलन चलाए। उन्होंने महाराष्ट्र में सर्वप्रथम महिला शिक्षा तथा अछूतोद्धार का काम आरंभ किया था। उन्होंने पुणे में लड़कियों के लिए भारत की पहला विद्यालय खोला। लड़कियों और दलितों के लिए पहली पाठशाला खोलने का श्रेय ज्योतिबा को दिया जाता है।ज्योतिराव गोविंदराव फुले की मृत्यु 28 नवंबर 1890 को पुणे में हुई। इस महान समाजसेवी ने अछूतोद्धार के लिए सत्यशोधक समाज स्थापित किया था। उनका यह भाव देखकर 1888 में उन्हें 'महात्मा' की उपाधि दी गई थी। 🙏🙏✊शत् शत् नमन ✊🙏🙏 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान ##viral #🌞 Good Morning🌞 #🙏महात्मा ज्योतिबाफुले 🌹🌺🇮🇳 #🥰मोटिवेशन वीडियो