एक तरफ दसवीं की जगह हापीडिपिट का बहाना मारने वाले मुरेठा मैन डिप्टी सीएम सह गृहमंत्री जी खुद को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अररिया में दिनदहाड़े गला रेतने वाला वीडियो हर जगह वायरल हो रहा है।
पहले सत्तू वाले ने पिकअप ड्राइवर की गला रेतकर हत्या की, फिर मृतक के समुदाय की भीड़ ने उस हत्यारे सत्तू वाले की पीट-पीटकर हत्या कर दी। ये डबल मर्डर प्रशासन के नकारेपन को उजागर करता है।
जब पुलिस प्रशासन इस प्रकार एकदम पस्त हो जाए तो साफ पता चलता है कि उन्हें राज्य सरकार और उसके नेताओं की कोई परवाह नहीं है। यदि कोई भी ढंग का नेता गृह और कानून व्यवस्था पर ध्यान देता रहता तो पुलिसवाले इतने नींद में ना रहते।
ऐसे में मुरेठा मैन "सुल्तान" जी से आग्रह है कि अपनी दिव्यदृष्टि बिहार की कानून व्यवस्था सुधारने पर लगाएं। अगर आपका काम बोलेगा तो पार्टी मुख्यालय के बाहर पोस्टर चिपकवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ना जाने भारतीय जनता पार्टी की आखिर क्या मजबूरी है कि तमाम ढंग के नेताओं के बावजूद आप जैसे नकली डिग्री और विवादित इतिहास वाले राजद-जदयू-हम वाले दलबदलू को ढोना पड़ रहा है। कुर्सी नहीं संभल रही तो ज्यादा प्रयास करने की आवश्यकता नहीं है, तुरंत छोड़ कर हट जाइए। आपसे बेहतर तो ये होगा कि नीतीश कुमार का जूता उस कुर्सी पर रख दिया जाए। वो जूता भी आपसे बेहतर कानून व्यवस्था संभाल लेगा।
#📰 बिहार अपडेट #🌷भाजपा 🟠 #सम्राट चौधरी बिहार के भावी मुख्यमंत्री #वायरल पोस्ट #वायरल पोस्ट Again
एक तरफ दसवीं की जगह हापीडिपिट का बहाना मारने वाले मुरेठा मैन डिप्टी सीएम सह गृहमंत्री जी खुद को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अररिया में दिनदहाड़े गला रेतने वाला वीडियो हर जगह वायरल हो रहा है।
पहले सत्तू वाले ने पिकअप ड्राइवर की गला रेतकर हत्या की, फिर मृतक के समुदाय की भीड़ ने उस हत्यारे सत्तू वाले की पीट-पीटकर हत्या कर दी। ये डबल मर्डर प्रशासन के नकारेपन को उजागर करता है।
जब पुलिस प्रशासन इस प्रकार एकदम पस्त हो जाए तो साफ पता चलता है कि उन्हें राज्य सरकार और उसके नेताओं की कोई परवाह नहीं है। यदि कोई भी ढंग का नेता गृह और कानून व्यवस्था पर ध्यान देता रहता तो पुलिसवाले इतने नींद में ना रहते।
ऐसे में मुरेठा मैन "सुल्तान" जी से आग्रह है कि अपनी दिव्यदृष्टि बिहार की कानून व्यवस्था सुधारने पर लगाएं। अगर आपका काम बोलेगा तो पार्टी मुख्यालय के बाहर पोस्टर चिपकवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ना जाने भारतीय जनता पार्टी की आखिर क्या मजबूरी है कि तमाम ढंग के नेताओं के बावजूद आप जैसे नकली डिग्री और विवादित इतिहास वाले राजद-जदयू-हम वाले दलबदलू को ढोना पड़ रहा है। कुर्सी नहीं संभल रही तो ज्यादा प्रयास करने की आवश्यकता नहीं है, तुरंत छोड़ कर हट जाइए। आपसे बेहतर तो ये होगा कि नीतीश कुमार का जूता उस कुर्सी पर रख दिया जाए। वो जूता भी आपसे बेहतर कानून व्यवस्था संभाल लेगा।