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#universal truth 👁👁🕉️प्रकृति एक माँ की तरह हमारा पालन-पोषण करती है। एक पिता की तरह, वह हमें वह दिव्य धन प्रदान करती है जिसके हम हकदार हैं। प्रकृति हमारी रक्षा भी करती है और हमें दंड भी देती है; और यदि हम प्रकृति के नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो दंड निश्चित है। जो लोग अपनी अंतरात्मा के विरुद्ध कार्य करते हैं, वे मूर्ख हैं, क्योंकि वे प्रकृति के नियमों को नहीं जानते। अंतरात्मा ही परम सत्य है। प्रकृति हमारे शरीर का पोषण करती है। एक रोग-मुक्त शरीर प्रकृति का ही उपहार है। हमारे मन को बुद्धिमानी से विकसित होने और आगे बढ़ने की ऊर्जा प्रकृति से ही प्राप्त होती है। प्रकृति से ही हमें जीवित रहने के लिए आवश्यक जीवन-ऊर्जा मिलती है। जो लोग अपनी अंतरात्मा के अनुसार और प्रकृति की लय के साथ तालमेल बिठाकर जीवन जीते हैं, उन्हें अपने जीवन में मानसिक शांति और समृद्धि प्राप्त होती है। हमें योग, ध्यान और मंत्र-साधना का अभ्यास करना चाहिए, क्योंकि प्रकृति के साथ हमारा जुड़ाव टूट गया है। हमारा जन्म प्रकृति की गोद में ही होता है। हम प्रकृति के माध्यम से ही बड़े होते हैं। हम प्रकृति में ही खिलते हैं। यह प्रकृति हमारी पालक-माँ है। अपनी इस पालक-माँ की रक्षा करना हमारा ही दायित्व है। यह अंतर्दृष्टि ही हमारे जीवन को पूरी तरह से बदल देगी।🙏
#🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸 सत्य वचन #🙏 प्रेरणादायक विचार #❤️जीवन की सीख