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Pooja Gabhale
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10 दिन पहले
"Heartless CEO’s Healing Love", https://marathi.pratilipi.com/story/8rvfpxexhayt?utm_source=android&utm_medium=text_share #pratilipi FM #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस #pratilipi #story #pratilipi #story भारतीय भाषेतील अमर्याद साहित्य वाचा, लिहा आणि ऐका अगदी विनाशुल्क!
HARISH PATRE
915 ने देखा
17 दिन पहले
एक परिवार की कहानी नहीं है—ये उस कड़वे सच की झलक है जहाँ रिश्ते “खून” से नहीं, “स्वार्थ” से चलने लगते हैं। एक बाप का कर्तव्य होता है कि वो अपने बच्चों के बीच न्याय करे, सहारा बने—लेकिन यहाँ उल्टा हो रहा है। बड़ी बेटी, जो खुद संघर्ष में है, उससे लाखों की मांग करना और ना देने पर रिश्ता तोड़ देना—ये पिता का नहीं, एक स्वार्थी व्यक्ति का व्यवहार है। और छोटा बेटा, जो खुद गलत रास्ते पर है, वही बहन पर दबाव बना रहा है—ये भी दिखाता है कि परिवार में मूल्य कहाँ खो गए। सबसे ज्यादा दर्दनाक बात ये है कि जो बेटियाँ चुपचाप सब सहती हैं—उन्हें ही सबसे कम समझा जाता है। बड़ी बेटी ने खेत की पर्ची तक लगाकर भाई की मदद की, लेकिन बदले में सम्मान नहीं मिला। छोटी बेटी, जो गरीब होते हुए भी बाप को संभालती है, उसी वक्त जब उसे जरूरत होती है, बाप साथ छोड़ देता है—ये सिर्फ लापरवाही नहीं, संवेदनहीनता है। रिश्ते तब तक ही खूबसूरत लगते हैं, जब तक उनमें “लेन-देन” नहीं घुसता। जहाँ स्वार्थ हावी हो जाए, वहाँ अपनापन धीरे-धीरे मर जाता है। लेकिन एक बात साफ है—गलती सिर्फ रिश्तों की नहीं, लोगों के चुनाव की भी है। हर रिश्ते को बचाना जरूरी नहीं होता। जहाँ सम्मान और समझ खत्म हो जाए, वहाँ दूरी बनाना कमजोरी नहीं, समझदारी होती है। आज के समय में शायद यही सबसे बड़ी सच्चाई है: “रिश्ते निभाने के लिए खून नहीं, दिल और नीयत साफ होनी चाहिए #story #कहानी