गुरु संत रामपाल जी महाराज

gajendra singh lodhi
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1 days ago
#संत रामपाल जी #Facts_About_EasterSunday ईसा मसीह की पूज्य माता जी का नाम मरियम तथा पूज्य पिताजी का नाम यूसुफ था। परन्तु मरियम को गर्भ एक देवता से रहा था। यूसुफ ने मरियम को त्यागना चाहा तो स्वपन में (फरिश्ते) देवदूत ने ऐसा न करने को कहा तथा यूसुफ मरियम के साथ पति-पत्नी रूप में रहे।
gajendra singh lodhi
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7 days ago
#संत रामपाल जी #डॉBRअंबेडकरजी_कीबड़ीभूलPart2 नहीं हुआ ब्रह्मा के पैरों से दलितों की उत्पत्ति संत रामपाल जी महाराज करेंगे रहस्य का उद्घाटन अवश्य देखिए डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की बड़ी भूल । भाग - 2 Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
gajendra singh lodhi
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15 days ago
#संत रामपाल जी #मधुपरमहंस_की_टांयटांय_फिस्स2 शेर की खाल में छिपी सच्चाई: जानिए संत रामपाल जी महाराज ने कैसे मधु परमहंस की ही किताबों से उनके अज्ञान की पोल खोल दी। Factful Debates YtChannel
gajendra singh lodhi
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23 days ago
#संत रामपाल जी #कलयुगमें_सतयुगकी_शुरुआतPart5 आश्चर्य कर देने वाली भविष्यवाणी वह महापुरुष अवतरित हो चुका है जो अशांत दुनिया में पुनः शांति स्थापित करेगा। जानने के लिए देखिए कलयुग में सतयुग में शुरुआत Factful Debates YouTube
मुक्तिबोध संदेश
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25 days ago
किसानों के मसीहा जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज को 13 मार्च को हांसी में किया जाएगा सम्मानित।। #SantRampalJiMaharaj #🙏गुरु महिमा😇 #संत रामपाल जी #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
मुक्तिबोध संदेश
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1 months ago
कबीर ऐसी होली खेलिए, साँचा शब्द की मार। काम क्रोध मद लोभ को, डारो हृदय निकार॥ साहब कबीर इस दोहे के माध्यम से संदेश देते हैं कि पर्व केवल तिथियों का मेल नहीं, बल्कि स्वयं से साक्षात्कार का अवसर भी है। वास्तविक होली केवल अबीर-गुलाल का बाहरी उत्सव नहीं, बल्कि सत्य के अनुसंधान का पर्व है। यहाँ 'साँचा शब्द की मार' का अर्थ किसी को आहत करना नहीं, बल्कि गुरु-ज्ञान और आत्मबोध की वह चोट है जो मनुष्य के भीतर सोए हुए विवेक को झकझोर कर जगा देती है। जिस प्रकार बाहरी रंग शरीर को निखारते हैं, उसी प्रकार 'सत्य का शब्द' अज्ञान के अंधकार को मिटाकर आत्मा को आलोकित करता है। इस आध्यात्मिक होली का मूल मंत्र है—अंतर्मन की शुद्धि। स्वयं को जानना ही संसार की सबसे बड़ी सेवा और सबसे बड़ा उत्सव है। साहब कबीर स्पष्ट करते हैं कि जब तक हृदय में काम, क्रोध, अहंकार और लोभ जैसे विकार विद्यमान हैं, तब तक भक्ति और आनंद का वास्तविक रंग चढ़ ही नहीं सकता। इन आंतरिक बुराइयों का त्याग करना ही सच्ची #होलिकादहन है। #सार:- जिस दिन तुम अपने ही भीतर 'सत्यनाम' के रंग में भीग जाओगे, उस दिन समझना कि होली हुई। बुद्ध पुरुष वही है जो इस संसार में रहते हुए भी उस 'साँचे शब्द' की चोट को झेल गया और निखर गया। बाहरी रंग अस्थायी हैं, जो जल की एक बौछार से उतर जाते हैं। किंतु सत्यनाम और आत्म-शुद्धि का रंग शाश्वत है। वास्तविक उत्सव वह है जहाँ मनुष्य अपने विकारों की आहुति दे, सद्गुणों को धारण करे और प्रेम, शांति तथा पवित्रता के दिव्य रंग में सराबोर हो जाए। #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #संत रामपाल जी
Rajhans Kumar
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1 months ago
#संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में गरीब दास जी का बोध दिवस मनाया जा रहा 26 27 28 फरवरी को मनाया जाएगा जिसमें बहुत सारे मिठाई लड्डू राम जलेबी राम बर्फी राम फुल्का राम बहुत सारे प्रकार के भंडारे में खिलाए जाते हैं
मुक्तिबोध संदेश
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1 months ago
कलयुग में सतयुग की शुरुआत संत रामपाल जी महाराज जी के साथ जुड़े ओर अपना कल्याण कराए। #🙏गुरु महिमा😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #संत रामपाल जी