🥺🙏

gill sahab
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23 days ago
##🙏 हरीश राणा की स्थिति (बीमारी का इतिहास) 32 वर्षीय हरीश राणा साल 2013 में अपने घर की चौथी मंजिल से गिर गए थे। इस हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट आई, जिसके बाद वह 'परमानेंट वेजिटेटिव स्टेट' (PVS) में चले गए। • वह पिछले 11-13 वर्षों से बिस्तर पर थे। • उनका शरीर पूरी तरह से लकवाग्रस्त था, वह न बोल सकते थे, न सुन सकते थे और न ही होश में थे। • उन्हें पाइप के जरिए खाना दिया जा रहा था और उनके शरीर में गहरे 'बेडसोर्स' (घाव) हो गए थे। 2. माता-पिता की गुहार हरीश के माता-पिता अब बुजुर्ग हो चुके हैं (पिता करीब 62 वर्ष और माता 55 वर्ष की हैं)। उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी कि: • वे अब अपने बेटे की देखभाल करने में शारीरिक और आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं। • उनके पास इलाज के लिए पैसे खत्म हो चुके हैं। • वे अपने बेटे को इस असहनीय पीड़ा में और अधिक नहीं देखना चाहते। 3. कोर्ट का फैसला और जज की भावुकता दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने इस मामले की सुनवाई की। • मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट: डॉक्टरों की एक टीम ने पुष्टि की कि हरीश के ठीक होने की कोई गुंजाइश नहीं है और वह केवल मशीनों और पाइप के सहारे जीवित हैं। • जज का निर्णय: कोर्ट ने हरीश को 'सम्मान के साथ मरने' (Right to die with dignity) की अनुमति दी। जज ने आदेश दिया कि हरीश की फीडिंग पाइप (खाना देने वाली नली) को हटाया जा सकता है, जिससे उनकी प्राकृतिक मृत्यु हो सके। • भावुक क्षण: सुनवाई के दौरान जज भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने कहा कि यह फैसला लेना एक इंसान के तौर पर बहुत कठिन है, लेकिन हरीश की स्थिति को देखते हुए उसे इस कष्ट से मुक्ति देना ही एकमात्र मानवीय रास्ता है। 4. कानून क्या कहता है? (Passive Euthanasia) भारत में सुप्रीम कोर्ट ने 2018 के एक ऐतिहासिक फैसले में Passive Euthanasia को कानूनी मान्यता दी थी। • इसका मतलब है कि अगर कोई मरीज ऐसी स्थिति में है जहाँ से वापसी मुमकिन नहीं है, तो उसका लाइफ-सपोर्ट (जैसे वेंटिलेटर या फीडिंग ट्यूब) हटाया जा सकता है। • यह 'एक्टिव यूथेनेशिया' (जहर का इंजेक्शन देना) से अलग है, जो भारत में अभी भी गैर-कानूनी है। 5. इस फैसले का महत्व यह मामला समाज को यह सोचने पर मजबूर करता है कि 'जीवन' का अर्थ केवल सांस लेना नहीं, बल्कि गरिमा के साथ जीना है। हरीश के माता-पिता के लिए यह फैसला एक तरफ उनके बेटे को खोने का दुख है, तो दूसरी तरफ उसे सालों की तड़प से आजाद करने का सुकून भी।
gill sahab
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1 months ago
#satnam ##🙏 Dhan Dhan Guru Nanak Sahib Ji🙏🏻🙏🏻🙏🏻
chhoturam bhamu
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1 months ago
##🙏 जय श्री राम ##🙏🙏जय श्री बाला जी 👍🙏🙏