हम जिस बात पर बार-बार ध्यान देते हैं, उसका असर धीरे-धीरे हमारे मन पर पड़ने लगता है।
इसलिए दूसरों की कमियों को पकड़कर रखने के बजाय, उनके गुणों को देखने की आदत डालिए। किसी की कमजोरी को देखकर मन में नकारात्मकता जमा करने की जरूरत नहीं। उसे समझिए, स्वीकार कीजिए और आगे बढ़ जाइए।
मन में वही रखिए, जिसे आप अपने भीतर बढ़ता हुआ देखना चाहते हैं।
क्योंकि मन एक संग्रहालय नहीं, एक बगीचा है।
आप उसमें क्या सँजोते हैं, वही धीरे-धीरे खिलने लगता है।
#📃लाइफ कोट्स ✒️