🌿🙏🌹‼️प्रभु श्रीराम से विनती‼️🌹🙏🌿
🌷 मो सम दीन न दीन हित, तुम समान रघुवीर । अस विचारि रघुवंश मणि, हरहु विषम भव पीर ।। 1 ।।
🌷 बार बार वर माँगहु - हरिषि देहु श्री रंग । पद सरोज अनपायनी, भक्ति सदा सत्संग ।। 2 ।।
🌷अर्थ न धर्म, का काम रुचि, गति न चहों निर्वाण । जन्म जन्म रति राम पद, यह वरदान न आन ।। ३।।
🌷स्वामी मोहि न विसारियो, लाख लोग मिलि जाहि । हम से तुम को बहुत हैं, तुम से हम को नाहि ।। 4 ।।
🌷 नांहि विद्या नंहि वाहुवल, नंहि खर्चन को दाम । मोह से पतित अपंग की, तुम पत राखहु राम ।। 5।।
🌷 श्रवण सुयश सुनि आयह, प्रभु भजन भवपीर । त्राहि त्राहि आरति हरण, शरण सुखद रघुवीर ।। 6 ।।
🌷 कामिहि नारि पियारि जिमि, लोभिहि प्रिय जिमि दाम । तिमिहि रघुनाथ निरन्तर, प्रिय लागहु मोहि राम ।। 7 ।।
🌷 मैं अपराधी जन्म का, नत शिख भरा विकास । तुम दात दुख भंजना, मेरी सुनहु पुकार ।। 8 ।।
🌷 क्या मुख ले विनती करूँ, लाज लगत है मोहि । तुम देखत अबगुन कीए, कैसे भावु तोहि ।।9।।
🌷 जय जय कागभुशुण्डि की, जय गिरी उमा महेश। जय ऋषि भारद्वाज की, जय तुलसी अवधेश ।।10।।
🌷बेनी सी पावन परम, देनी श्रीफल चारि। स्वर्ग नसेनी हरि कथा, नरक निवारि निहारि ।।11।।
🌷 कहेउ दंडवत प्रभुहि सन, तुमहि कहउँ कर जोरि। बार बार रघुनायकहि, सुरति करायहु मोरि ।।12।।
🌷 दीजै दीन दयाल मोहि, बड़ो दीन जन जान। चरण कमल को आसरो, सत संगति की बान ।।13।।
🌷 एक घड़ी आधी घड़ी, आधी मह पुनि आध। तुलसी चर्चा राम की, हरे कोटि अपराध ।।14 ।।
🌷 प्रनतपाल रघुवंश मनि, करुना सिन्धु खरारि। गहे सरन प्रभु राखिहैं, सब अपराध विसारि ।।15।।
🌷 राम चरन रति जो चहे, अथवा पद निर्वान। भाव सहित सो यह कथा, करे श्रवन पुट पान ।।16।।
🌷 मुनि दुर्लभ हरि भक्ति नर, पावहि बिनहि प्रयास। जो यह कथा निरंतर, सुनहि मानि विश्वास ।।17।।
🌷 कथा विसर्जन होत है, सुनउ वीर हनुमान। जो जन जंह से आए हैं, सो तंह करहि पयान ।।18।।
🌷 श्रोता सब आश्रम गए, शंभू गए कैलाश। रामायण मम हृदय मँह, सदा करहुँ तुम वास ।।19।।
🌷 रावणारि जसु पावन, गावहि सुनहि जे लोग। राम भगति दृढ़ पावहि, बिन बिराग जपजोग ।।20।।
🌷 राम लखन सिया जानकी, सदा करहुँ कल्याण। रामायण बैकुंठ की, विदा होत हनुमान ।।21।।
सबका भला करो भगवान, सब पर दया करो भगवान, सब पर कृपा करो भगवान, सब का सब विधि कल्याण हो , धर्म की जय, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद भावना हो, विश्व का कल्याण हो।
🌷सियावर राम जय जय राम
🌷मेरे प्रभु राम जय जय राम
🌷करो कल्याण जय जय राम
🌷मंगल भवन अमंगल हारी द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी
🌷रघुनंदन राघव राम हरे सियाराम हरे सियाराम हरे।
🌷कवन सो काज कठिन जग माही जो नहीं होई तात तुम पाही।
🌷दीन दयाल बिरिदु संभारी, हरहु नाथ मम संकट भारी।
🌷श्री राम जय राम जय जय राम।
🌷श्री राम जय राम जय जय राम
🌷सियावर श्रीरामचन्द्र की जय
🌷राधावर श्री कृष्ण भगवान की जय
🌷गोंरावर भोलेनाथ की जय
🌷पवनसुत हनुमान की जय
🌷श्री राम दरबार की जय
🌷हारे के सहारे की जय
🌷सब भक्तन की जय
🌷सब सन्तन की जय
🌷गऊ माता की जय
🌷गंगा माता की जय
🌷भारत माता की जय
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प्रभु श्रीराम, जनकनंदिनी माता सीता, एवं माँ अंजनि के लाल,वीर महावीर, पवन पुत्र, भक्त सीरोमण श्री हनुमान जी महाराज का आशीर्वाद व दया दृष्टि सभी भक्तजनों एवं उनके परिवार पर बनी रहे,
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आपका दिन शुभ और मंगलमय हो,
🌞जय श्री राम🏹🌹🚩🚩🚩
📍जयजय हनुमानजी महाराज 🙏🚩🚩🚩
🌿जय हो सुडसर धाम की 🙏🚩🚩🚩
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