कोर्ट

sehatprash
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1 months ago
क्या आपके भी गाल पिचके हुए हैं और शरीर कमजोर दिखता है? 🤔 सिर्फ़ ज़्यादा खाना ही काफी नहीं होता। सही पोषण, मजबूत पाचन, पर्याप्त नींद और नियमित दिनचर्या भी उतनी ही ज़रूरी है। इस पोस्ट में बताया गया आसान घरेलू तरीका कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन सकता है। साथ ही संतुलित आहार और नियमित व्यायाम भी अपनाएं। 🌿💪 📌 ऐसी ही आयुर्वेदिक हेल्थ टिप्स के लिए हमें Follow करें। #AYURVEDIC #HealthyFasting #healthtips #chetanherbals #healthyliving
Naman News
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2 months ago
#📰 बिहार अपडेट #पटना न्यूज, नमन न्यूज की खबरें #कोर्ट #वायरल पेशी के नाम पर मुवक्किलों से खुलेआम पैसे वसूलते कैमरे में कैद हुए पेशकार!! बिहार की सुशासन सरकार और कानून व्यवस्था के दावों के बीच न्याय के सबसे बड़े मंदिर यानी पटना सिविल कोर्ट (Patna Civil Court) परिसर से एक बेहद ही शर्मनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। अदालत में जहां लोग अपनी गाढ़ी कमाई और जिंदगी का समय दांव पर लगाकर इंसाफ की गुहार लगाने आते हैं, वहीं कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों ने इसे अवैध उगाही का अड्डा बना दिया है। पटना सिविल कोर्ट में पेशी और तारीख के नाम पर मुवक्किलों से खुलेआम पैसे ऐंठने का एक गंभीर मामला गर्माया हुआ है। ​स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कोर्ट के भीतर तैनात कुछ पेशकार (Court Clerks) और निचले स्तर के कर्मचारी मुवक्किलों की मजबूरी का फायदा उठाकर सरेआम टेबल के नीचे से और खुलेआम घूस (Bribe) की मांग करते हैं। ​बिना 'सुविधा शुल्क' के नहीं आगे बढ़ती फाइल! परिजनों और मुवक्किलों का गंभीर आरोप है कि यदि पेशकार या कोर्ट स्टाफ की 'जेब गर्म' न की जाए, तो मुवक्किल की पेशी को लटका दिया जाता है, फाइलें दबा दी जाती हैं और तारीख आगे बढ़ा दी जाती है। दूर-दराज के गांवों से कोर्ट पहुंचने वाले गरीब और लाचार लोग वकीलों की फीस देने के बाद इन भ्रष्ट कर्मचारियों की नाजायज मांगों के आगे टूटने को मजबूर हैं। बताया जा रहा है कि इस अवैध वसूली की कुछ तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर चोरी-छिपे रिकॉर्ड कर वायरल किए जा रहे हैं, जिसके बाद वकीलों के संगठनों और आम जनता में भारी आक्रोश फैल गया है। ​सुरक्षा और सिस्टम पर खड़े हुए गंभीर सवाल: न्यायपालिका की छवि को धूमिल करने वाले इस कारनामे के बाद पटना के जागरूक नागरिकों और वरिष्ठ वकीलों ने जिला जज और पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से इस पूरे मामले पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेने और कड़ा एक्शन लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर इंसाफ के दरवाजे पर ही इस तरह खुलेआम डकैती पड़ेगी, तो आम आदमी का सिस्टम से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा। ​आखिर पटना सिविल कोर्ट के भीतर चल रहे इस अवैध वसूली के सिंडिकेट का असली आका कौन है? क्या इस वीडियो और जनता के गुस्से के बाद जिला प्रशासन और कोर्ट इन भ्रष्ट कर्मचारियों को सस्पेंड कर जेल भेजेगा? ​राजधानी पटना के अदालत परिसर से आई इस सबसे बड़ी, कड़क और आंखें खोल देने वाली खोजी रिपोर्ट को देखिए सिर्फ NAMANA NEWS पर!