इसका मतलब यह है कि जो व्यक्ति खुद बेहद कठिन परिस्थितियों और गरीबी से गुजर चुका होता है, वह दूसरों के दुख और लाचारी को बहुत अच्छी तरह समझता है। #परिस्थिति#गरीबी#दुख#समझ#जीवन की अच्छी समझ
अपनी-अपनी परिस्थितियों के दायरे मे हर व्यक्ति खुद को सही ही पाता है। जो बात आपके लिए गलत हो सकती है, मुमकिन है कि सामने वाले के हालातों के हिसाब से वह बिल्कुल सही हो। #परिस्थिति#हालात#शिकायत #Sahi galat#कुछ सही कुछ गलत