परमहंस परिव्राजकाचार्य श्री वासुदेवानंद सरस्वती (टेंबे) स्वामी महाराज (1854 -1914) के जीवन का उद्देश्य भगवान श्री दत्तात्रेय ने उन्हें सुलझाकर बताया। भगवान श्री दत्तात्रेय ने श्री स्वामी महाराज को आज्ञा दी की, “संपूर्ण भारत भ्रमण कर सनातन वैदिक धर्म का प्रचार करे।जो लोग धर्म की राह से भटके हो, उन्हें वर्णाश्रम धर्म की राह पर वापस लाये।” भगवान श्री दत्तात्रेय के आज्ञा के अनुसार श्री स्वामी महाराज ने 23 वर्ष कठोर संन्यास धर्म का पालन करते हुए भारत भ्रमण किया।
#🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं🤝#🙏भक्ति स्टेटस🙌#🙏 भक्ति#वासुदेवानंद सरस्वती टेंबे स्वामी महाराज#🌺|| श्री गुरुदेव दत्त ||🌼