#हरिशंकर परसाई
“किसी के निर्देश पर चलना नहीं स्वीकार मुझको,
नहीं है पद चिह्न का आधार भी दरकार मुझको ।” — हरिशंकर परसाई (22 अगस्त 1922 – 10 अगस्त 1995)
मध्यप्रदेश के गौरव, हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध लेखक एवं व्यंग्यकार “हरिशंकर परसाई जी” की 104वीं जयंती पर सादर नमन करता हूं।
“भोलाराम का जीव”, 'सदाचार का ताबीज' और “ठिठुरता हुआ गणतंत्र” जैसी कालजयी रचनाओं के माध्यम से परसाई जी ने समाज की विसंगतियों, रूढ़ियों और पाखंड पर तीखा प्रहार किया। उनकी निर्भीक लेखनी आज भी समाज को सजग दृष्टि, आत्ममंथन और सत्य के पक्ष में खड़े होने की प्रेरणा देती है।
#हरिशंकर परसाई की थॉट #हरिशंकर परसाई की जीवन परिचय #हरिशंकर परसाई के विचार #📓 हिंदी साहित्य