बेहूदगी देखिए, Indigo की 30,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ते हुए विमान को इस परिवार ने पिकनिक स्पॉट बना दिया है इनलोगों ने और मूर्खता भरी बेशर्मी से दांते निपोड़ रहे हैं।
एक साथ लगभग 15 यात्री ट्रैवल कर रहे थे।
साथ में समोसे, ढोकला, थेपला, नमकीन और सॉस और डिस्पोजेबल प्लेट.
फिर शुरू हुआ इनका उड़ते जहाज में घूम घूम कर नाश्ता परोसना, टहलना और खाना...
सोचिए
सार्वजनिक परिवहन में व्यक्तिगत सुविधा के चक्कर में Etiquette और Common/Civic Sense को नजरअंदाज कर देना।
बंद और प्रेशराइज्ड हवाई जहाज के केबिन को तेज गंध वाले खाने से ढाबा बना देना, गलियारे में भीड़ लगाना– सुरक्षा नियमों का कितना बड़ा उल्लंघन है।
मान लीजिए उसी समय टर्बुलेंस हो जाता तो सॉस समोसा चटनी किस किस यात्री पर जाकर गिरता! खड़े हुए कितने लोग घायल होते!
केबिन क्रू को सर्विस कार्ड ले जाने और आपातकालीन आवाजाही के लिए aisle खाली चाहिए होता है और इनलोगों ने उसे पार्क बना रखा है।
दूसरे यात्रियों को कितनी ज्यादा असुविधा और खीझ हुई होगी? हवाई जहाज में वही हवा बार-बार फिल्टर होकर घूमती है। तेज मसालेदार खाने की गंध पूरी यात्रा के दौरान केबिन में बनी रहती है,जो बाकी यात्रियों के लिए उल्टी या जी मिचलाने का कारण बन सकती है।
15 लोगों का एक साथ बैठकर बातें करना और खाना बांटना आसपास के यात्रियों के शांति से बैठने या सोने के अधिकार को छीन लेता है।
भारत में ट्रेनों में खाना शेयर करके खाना एक पुरानी और सुखद परंपरा रही है, लेकिन उसी आदत को बिना सोचे-समझे हवाई जहाज में लागू कर देना आपकी जाहिलियत है।
नागरिक बोध का मतलब अपनी संस्कृति छोड़ना नहीं है, बल्कि यह समझना है कि किस जगह पर कैसा व्यवहार सही है।
ऐसी बदतमीज़ियों को तथाकथित "संस्कृति" का नाम देकर खारिज नहीं किया जा सकता।
#हवाई जहाज