केंद्र सरकार ने पहली बार भारत में अवैध रूप से रह रहे 7 रोहिंग्या लोगों को वापस म्यांमार भेजने का फैसला लिया है. इधर सरकार के इस फैसले को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एक याचिका दी गई है. सातों रोहिंग्या असम के सिलचर स्थित हिरासत केन्द्र में बंद हैं. केन्द्रीय गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक गुरुवार को मणिपुर की मोरेह सीमा चौकी पर सात रोहिंग्या प्रवासियों को म्यांमार के अधिकारियों को सौंपा जाएगा.  याचिका पर प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ कहा कि वह आवेदन पर विचार करने के बाद ही इस मामले की तुरंत सुनवाई पर फैसला देगी. गौरतलब है कि प्रधान न्यायाधीश ने अपने कामकाज के पहले दिन बुधवार को वकीलों के समक्ष स्पष्ट किया कि वह ऐसे मामलों में मानदंड तय होने तक तुरंत सुनवाई की अनुमति नहीं देगी.  पीठ में न्यायमूर्ति एस. के. कौल और न्यायमूर्ति के. एम. जोसेफ भी शामिल हैं. अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने पीठ को बताया कि इन रोहिंग्या लोगों को स्वदेश वापस भेजा जा रहा है, अत: इस मामले की तुरंत सुनवाई जरूरी है.  पीठ ने कहा, तुरंत सुनवाई के लिए किसी मामले का उल्लेख नहीं. हम मानदंड तय करेंगे फिर देखेंगे कि मामलों का उल्लेख किस प्रकार होगा. पीठ ने कहा कि मौत की सजा की तामील और बेदखली के मामलों की ही तुरंत सुनवाई हो सकती है.  शुरुआत में पीठ ने भूषण से कहा कि वह याचिका दायर करें. भूषण के इस जवाब पर कि अर्जी दी जा चुकी है, पीठ ने कहा कि ‘हम इसपर विचार करेंगे और फिर फैसला लेंगे.’  असम में अवैध तरीके से रह रहे सात रोहिंग्या को म्यामार वापस भेजने के केन्द्र के फैसले को चुनौती देते हुए नई याचिका दायर की गई है. इन लोगों को गुरुवार को म्यांमार वापस भेजा जाना है.  समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक एक अधिकारी ने बताया कि पड़ोसी देश की सरकार के गैरकानूनी प्रवासियों के पते की रखाइन राज्य में पुष्टि करने के बाद इनके म्यांमार के नागरिक होने की पुष्टि हुई है. यह पहली बार है जब रोहिंग्या प्रवासियों को भारत से म्यांमार भेजा जाएगा. सात रोहिंग्या लोगों को विदेशी कानून के उल्लंघन के आरोप में 29 जुलाई, 2012 को गिरफ्तार किया गया था. काचार जिले के अधिकारियों ने बताया कि जिन्हें वापस भेजा जाएगा उनमें मोहम्मद जमाल, मोहबुल खान, जमाल हुसैन, मोहम्मद युनूस, सबीर अहमद, रहीम उद्दीन और मोहम्मद सलाम शामिल हैं. इनकी उम्र 26 से 32 वर्ष क
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1 साल पहले
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