ShareChat
click to see wallet page
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - न मेरी कोई मंज़िल न मेरा कोई किनारा, | तन्हाई मेरी महफ़िल और यादें मेरा सहारा, | न मेरी कोई मंज़िल न मेरा कोई किनारा, | तन्हाई मेरी महफ़िल और यादें मेरा सहारा, | - ShareChat

More like this