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गुरू बिन काहू न पाया ज्ञाना, ज्यों थोथा भुस छड़े मूढ़ किसाना। गुरू बिन वेद पढ़े जो प्राणी, समझे न सार रहे अज्ञानी। कबीर, नौ मन सूत उलझिया, ऋषि रहे झख मार। सतगुरू ऐसा सुलझा दे, उलझै ना दूजी बार।। #सच्चा_सतगुरु_कौन #SantRampalJiMaharaj #SatGuru #Guru #TrueGuru #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏शाम की आरती🪔 #🙏गुरु महिमा😇
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