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#दर्द-ए-दिल
दर्द-ए-दिल - तकलीफों को भुलाया जा सकता है, मगर जानबूझकर तकलीफ़ देने वाले को नहीं.. ! तकलीफों को भुलाया जा सकता है, मगर जानबूझकर तकलीफ़ देने वाले को नहीं.. ! - ShareChat

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