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#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - *मुझसे ना मांगिए मशवरे. मंदिर 00 0 और मस्जिद के मसलों এ मैं इंसान हूं साहब. खुद किराए के   घर में...!" *मुझसे ना मांगिए मशवरे. मंदिर 00 0 और मस्जिद के मसलों এ मैं इंसान हूं साहब. खुद किराए के   घर में...!" - ShareChat

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