ShareChat
click to see wallet page
#Gita gyan #motivational_thoughts🙏 #कृष्ण ग्यान गिता ✨✨🙏 #gita ka gyan ##Bhagawat gita #Dharm gyan # Dharm vani
Gita gyan - Bhagavad Gita:  Chapter 17, Verse 14 देवद्विजगुरुप्राज्ञपूजनं शौचमार्जवम् | ब्रह्मचर्यमहिंसा च शारीरं तप उच्यते || १४|| परमपिता परमात्मा , ब्राह्मणों, आध्यात्मिक गुरु, बुद्धिमान तथा श्रेष्ठ सन्तजनों की पूजा यदि पवित्रता , सादगी , ब्रह्मचर्य तथा अहिंसा के साथ की जाती है तब इसे शरीर की तपस्या कहा जाता है। Bhagavad Gita:  Chapter 17, Verse 14 देवद्विजगुरुप्राज्ञपूजनं शौचमार्जवम् | ब्रह्मचर्यमहिंसा च शारीरं तप उच्यते || १४|| परमपिता परमात्मा , ब्राह्मणों, आध्यात्मिक गुरु, बुद्धिमान तथा श्रेष्ठ सन्तजनों की पूजा यदि पवित्रता , सादगी , ब्रह्मचर्य तथा अहिंसा के साथ की जाती है तब इसे शरीर की तपस्या कहा जाता है। - ShareChat

More like this