#ਵੋਟਰ ਜਾਗਰੂਕਤਾ
ਵੋਟਰ ਜਾਗਰੂਕਤਾ - । । । | पसात से फसला किया . | | | | | | मा । । | लिए दुर्भाट नोटबंदी ने छीना था । | 1 . 10 करोड़ लोगों का रोजगार नोटबंदी ने कैसा कहर ढाया था और कितने लोगों को इसकी वजह से अपनी नौकरी व रोजगार से हाथ धोना पड़ा था , यह जानकारी नेशनल सैंपल सर्व । आर्गनाइजेशन ( एनएसएसओ ) के प्रथम वार्षिक सर्वे से सामने आई है . यह सर्वे रोजगार और बेरोजगारी को लेकर 2017 - 18 वर्ष के लिए किया गया . इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि 2018 में नोटबंदी की वजह से 1 करोड़ 10 लाख लोगों को अपना रोजगार या नौकरी खोनी पड़ी . इसके बावजूद सरकार दावा करती रही कि नौकरी व धंधे का कोई नुकसान नहीं हुआ तथा बहुत से उद्यम शुरू हुए जिनसे लोगों को काम मिला , इस रिपोर्ट के आने पर उम्मीद थी कि सरकार नोटबंदी की वजह से हुई व्यापक बेरोजगारी के बारे में बयान देगी , परंतु ऐसा नहीं हुआ . HE Eas E वि NSSO निमा । सरकार द्वारा नेशनल सैंपल सर्वे की रहे नि देखते रिपोर्ट पिछले 2 माह से रोके जाने 1यह संगठन हर 5 वर्ष में एक । 83 8 की वजह से राष्ट्रीय सांख्यिकी वार रोजगार व बेरोजगारी से सौदा = आयोग के कार्यकारी प्रमुख पीसी संबंधित सर्वे पेश करता था . की मांग मोहनन तथा उनकी सहयोगी जेबी उसने अपना पिछला सर्वे वायुसेन मीनाक्षी ने इस्तीफा दे दिया . 2011 - 12 में पेश किया था . फिर रक्षा में अब 2017 - 18 का सर्वे पेश । । को पत्र नि । अभी सिर्फ नीति आयोग के मुख्य प्रस्ताव के कार्यकारी अधिकारी ( सीईओ ) I भारतीय औद्योगिक महासंघ के ठ की है अमिताभ कांत एनएससी का काम कार्यक्रम में पीयूष गप्पल ने गत संभाल रहे हैं । | 19 जनवरा 15 जनवरी को क मा कि मार के बार में उपज मावेशक नहीं है . इसमें अनेक नए उद्या ऐसा माना जा रहा है कि चूकि राष्ट्रीय सँपल सर्वे ने डेटा बहुत सम न किया गया है , उद्यमियों तथा पंरतुनकर रोजगार के मामले में अच्छा चित्र प्रस्तुत नहीं किया , को शामिल न क इसलिए यह रिपोर्ट रोक दी गई । किया . | को छोड़ दिया गया है . - ShareChat
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8 ਮਹੀਨੇ ਪਹਿਲਾਂ
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