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#siya ram
siya ram - [ = a 5 ।। श्री राम चरित मानस चौपाई ।। जे न मित्र दुःख होहिं दुखारी م तिन्हहि बिलोकत पातक भारी II जो लोग मित्र के दुःख से दुःखी नहीं होते उन्हें देखने से ही बड़ा पाप लगता है। [ = a 5 ।। श्री राम चरित मानस चौपाई ।। जे न मित्र दुःख होहिं दुखारी م तिन्हहि बिलोकत पातक भारी II जो लोग मित्र के दुःख से दुःखी नहीं होते उन्हें देखने से ही बड़ा पाप लगता है। - ShareChat

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