🙏 धर्म-कर्म - पितृपक्ष में भूलकर भी न करें ये 10 काम | 1 . मान्यता है कि इन दिनों में पितर किसी [ 6 . श्राद्ध एवं तर्पण क्रिया में काले | भी रूप में आपके घर पर आ सकते हैं । । | तिल का बड़ा महत्तव है । श्राद्ध भूलकर भी अपने दरवाजे पर आने वाले | करने वालो को पितृ कर्म में काले किसी भी जीव का निरादर ना करें । तिल का इस्तेमाल करना चाहिए । 2 . पितृ पक्ष में पशु पक्षियों को अन्न - जल लाल एवं सफेद तिल का देने से विशेष लाभ होता है । इन्हें भोजन इस्तेमाल नहीं करना चाहिए । देने से पितगण संतष्ट होते हैं । 7 . पितृ पक्ष में पितरों को प्रसन्न 3 . जो व्यक्ति पितरों का श्राद्ध करता है करने के लिए ब्राह्मणों को भोजन उसे पितृ पक्ष में ब्रह्मचर्य का पालन करना करवाने का नियम है । भोजन पूर्ण चाहिए । खान - पान में मांस - मछली को सात्विक एवं धार्मिक विचारों वाले शामिल नहीं करना चाहिए । 4 . पितृ पक्ष के दौरान चना , मसूर , सरसों ब्राह्मण को ही करवाना चाहिए । 8 . पितृ पक्ष में भोजन करने वाले | का साग , सत्तू , जीरा , मूली , काला नमक , | लौकी , खीरा एवं बांसी भोजन नहीं खाना ब्राह्मण के लिए भी नियम है कि चाहिए । श्राद्ध का अन्न ग्रहण करने के बाद 5 . श्राद्ध कर्म में स्थान का विशेष महत्तव कुछ न खाए , इस दिन अपने घर | है , शास्त्रों में बताया गया है कि गया , में भी भोजन नहीं खाएं । प्रयाग , बद्रीनाथ में श्राद्ध एवं पिंडदान 9 . शास्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष में करने से पितरो को मुक्ति मिलती है । जो कुत्ते , बिल्ली , और गायों किसी लोग इन स्थानों पर पिंडदान या श्राद्ध नहीं | भी प्रकार की हानि नहीं पहुंचानी | कर सकते वो अपने घर के आंगन में | चाहिए । | जमीन पर कहीं भी तर्पण कर सकते हैं । | 10 . मान्यताओं के अनुसार पितृ | लेकिन किसी और के घर की जमीन पर | पक्ष के दौरान नए वस्त्र भी नहीं | तर्पण नहीं करना चाहिए । | पहनने चाहिए । पं . वेद प्रकाश तिवारी , ज्योतिष एवं कर्मकाण्ड , 99192428151 - ShareChat
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1 महीने पहले
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