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news - भोपाल रेल मंडल - २० ग्राम के सिक्के में सिर्फ 0 २३% चांदी मिली रेलवे ने कर्मचारियों के रिटायरमेंट पर दिए चांदी के नकली सिक्के सम्मान से खिलवाड कुल ३६३१ सिक्के Tగ SRIEC भोपाल भेजे, प्रत्येक में करीब २२०० की ठगी पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर विजिलेंस जांच कराई। जांच के 423 दौरान सिक्कों को जनावट जनवरो २०२३ को इंदौर को फर्म मेसर्स वायबल और वजन पर सवाल उठे, डायमंड्स को ३६४० गोल्ड जिसके बाद उन्हें एनएबीएल प्लेटेड सिल्चर मेडल ( सिक्के ) से मान्यता प्राप्त लैब और एक सरकारी प्रयोगशाला में सप्लाई करने का परचेज ऑर्डर  शर्मा | भोपाल সনুযয जांच के लिए भेजा गया। लैज  जारी किया था। ३६३१ सिकके रिपोर्ट में सामने आया कि जिन्हें भोपाल के सामान्य भंडार डिपो रेलवे अपने रिटायर्ड कर्मचारियों को में आरआईटीईएस ( रेल इंडिया  गोल्ड प्लेटेड सिल्चर बताया सम्मान के तौर पर जो गोल्ड प्लेटेड गया था, वे सिक्के असल में टेक्निकल एंड इकोनॉमिक चांदी का सिक्का देता है॰ वही अब कोंपर के बने थे। रिपोर्ट के सर्विस लिमिटेड ) के इंस्पेक्शन  नकली निकला है। जांच में सामने अनुसार २० ग्राम के सिक्के में सर्टिफिकेट के साथ प्राप्त हुए आया है कि भोपाल रेलवे डिपो में थे। बाद में गुणवत्ता को लेकर  चांदो को मात्रा केवल 0.२३ सप्लाई किए गएये सिक्के चांदी के संदेह हुआ। इसके बाद रेलवे ने प्रतिशत पाई गई। नहों, बल्कि कापर ( तांबा ) बेस्ड हैं। २० ग्राम के जिस सिक्के को एफआईआर दर्ज करने की तैयारी शुद्ध चांदी बताया गया था, उसमें टेस्टिंग के दौरान सिर्फ 0.2३% चांदी पाई गई है। जबकि तय मानकों पश्चम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव के के मुताबिक   इनमें मुताबिक , मामले की विस्तृत जांच विजिलेंस से की जा रही है। यह = 99% होना जरूरी है। जांच भी कर रहे हैं कि आरआईटीईएस को निरोक्षण प्रक्रिया में कर्हीं कोई लापरवाही या मिलोभगत तो नहीं हुई। भोपाल के बरजरिया थाने में पशिचम 6 मामला T7 रेलवे ( डब्ल्यूसीआर  रेलवे की ओर से इंदौर को फर्म मेसर्स वायबल डायमंड्स के खिलाफ  के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है। भंडार डिपो Hাসাল ম सामान्य ঐ লমী মিনন ষ, নী লৈন जुड़ा है। স লৈন ম সলি সিনন্ধা 2200 ব্ধী प्रति सिक्के की कीमत २००० से कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय २२०० के बीच मानी जाती है, ऐसे ठगी का आरोप है। स्मृति चिह्न के रूप में दिए जाते हैं। ०६  January २०२६ Tue दैनिळभारकर  https: / /epaper . bhaskarhind] . com/c/78878032  भोपाल रेल मंडल - २० ग्राम के सिक्के में सिर्फ 0 २३% चांदी मिली रेलवे ने कर्मचारियों के रिटायरमेंट पर दिए चांदी के नकली सिक्के सम्मान से खिलवाड कुल ३६३१ सिक्के Tగ SRIEC भोपाल भेजे, प्रत्येक में करीब २२०० की ठगी पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर विजिलेंस जांच कराई। जांच के 423 दौरान सिक्कों को जनावट जनवरो २०२३ को इंदौर को फर्म मेसर्स वायबल और वजन पर सवाल उठे, डायमंड्स को ३६४० गोल्ड जिसके बाद उन्हें एनएबीएल प्लेटेड सिल्चर मेडल ( सिक्के ) से मान्यता प्राप्त लैब और एक सरकारी प्रयोगशाला में सप्लाई करने का परचेज ऑर्डर  शर्मा | भोपाल সনুযয जांच के लिए भेजा गया। लैज  जारी किया था। ३६३१ सिकके रिपोर्ट में सामने आया कि जिन्हें भोपाल के सामान्य भंडार डिपो रेलवे अपने रिटायर्ड कर्मचारियों को में आरआईटीईएस ( रेल इंडिया  गोल्ड प्लेटेड सिल्चर बताया सम्मान के तौर पर जो गोल्ड प्लेटेड गया था, वे सिक्के असल में टेक्निकल एंड इकोनॉमिक चांदी का सिक्का देता है॰ वही अब कोंपर के बने थे। रिपोर्ट के सर्विस लिमिटेड ) के इंस्पेक्शन  नकली निकला है। जांच में सामने अनुसार २० ग्राम के सिक्के में सर्टिफिकेट के साथ प्राप्त हुए आया है कि भोपाल रेलवे डिपो में थे। बाद में गुणवत्ता को लेकर  चांदो को मात्रा केवल 0.२३ सप्लाई किए गएये सिक्के चांदी के संदेह हुआ। इसके बाद रेलवे ने प्रतिशत पाई गई। नहों, बल्कि कापर ( तांबा ) बेस्ड हैं। २० ग्राम के जिस सिक्के को एफआईआर दर्ज करने की तैयारी शुद्ध चांदी बताया गया था, उसमें टेस्टिंग के दौरान सिर्फ 0.2३% चांदी पाई गई है। जबकि तय मानकों पश्चम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव के के मुताबिक   इनमें मुताबिक , मामले की विस्तृत जांच विजिलेंस से की जा रही है। यह = 99% होना जरूरी है। जांच भी कर रहे हैं कि आरआईटीईएस को निरोक्षण प्रक्रिया में कर्हीं कोई लापरवाही या मिलोभगत तो नहीं हुई। भोपाल के बरजरिया थाने में पशिचम 6 मामला T7 रेलवे ( डब्ल्यूसीआर  रेलवे की ओर से इंदौर को फर्म मेसर्स वायबल डायमंड्स के खिलाफ  के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है। भंडार डिपो Hাসাল ম सामान्य ঐ লমী মিনন ষ, নী লৈন जुड़ा है। স লৈন ম সলি সিনন্ধা 2200 ব্ধী प्रति सिक्के की कीमत २००० से कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय २२०० के बीच मानी जाती है, ऐसे ठगी का आरोप है। स्मृति चिह्न के रूप में दिए जाते हैं। ०६  January २०२६ Tue दैनिळभारकर  https: / /epaper . bhaskarhind] . com/c/78878032 - ShareChat

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