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#✍️ अनसुनी शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - इंसान का फर्क होता है... किसी को हीरे হঁসান की भी क़दर नहीं, तो कोई काँच को भी संभालकर रखता है..!! 100 इंसान का फर्क होता है... किसी को हीरे হঁসান की भी क़दर नहीं, तो कोई काँच को भी संभालकर रखता है..!! 100 - ShareChat

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