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Ghanshyam Thakur
https://lankakand.blogspot.com/2026/01/32.html
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇
लंका काण्ड दोहा (32)
लंका काण्ड दोहा 32 का भावार्थ सहित विस्तृत विवेचन: दो0-अगुन अमान जानि तेहि दीन्ह पिता बनबास। सो दुख अरु जुबती बिरह पुनि निसि दिन मम त्रास।।...
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