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#न्यूज़ #उत्तरप्रदेश #news
न्यूज़ - गोंडा में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की साख पर बट्टा,कर्नलगंज सीएचसी की सरकारी एंबुलेंस बनी निजी अस्पतालों की टैक्सी ) सरकारी एंबुलेंस से निजी  अस्पतालों तक मरीज पहुंचाने का आरोप तस्वीरें - वीडियो वायरल, जिम्मेदारों की भूमिका संदिग्ध टाइम्स ऑफ जनसत्ता / लवकुश कुमार उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में गरीब जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक कुछ सरकारी एंबुलेंस को निजी अस्पताल गोण्डा चिकित्सक. नर्स आशा कार्यकत्रियां से मरीज लातेनले जाते देखा जा और गंभीर मरीजों की जान बचाना कर्नलगंज गोंडा। जिले   के और स्थानीय दलालों की आपसी है, लेकिन कर्नलगंज सीएचसी में इसे सकता है, जबकि दूसरी एंबुलेंस उसी कर्नलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साठगांठ से मरीजों को पहले सरकारी निजी अस्पतालों की फ्री टैक्सी सेवा अस्पताल के पीछे खडी नजर आ ( सीएचसी ) जाता   है, रही है। इससे यह संकेत मिलता है बना दिया गया है। इससे सरकारी धन # ஈ सीएचसी इसके स्वास्थ्य লোমা सुनियोजित और संगठित सेवाओं गंभीर कमीशन के खेल में उन्हें सीधे की बर्बादी के साथ ्साथ जरूरतमंद के   दुरुपयोग कि मामला का बाट विशेषकर  मामला सामने आया है। आरोप है कि निजी अस्पतालों रॉयल सबसे बड़ा सवाल यह है कि॰ मरीजों के अधिकारों का भी हनन है हॉस्पिटल, भेज दिया जाता है। इस यहां गंभीर व गरीब मरीजों के लिए सीएचसी  के जिम्मेदार  अधिकारी होरहा है। लोगों ने मामले की इस पूरे मामले पर चुप क्यों हैं। अब उच्चस्तरीय जांच, एंबुलेंस की लॉग  आरक्षित सरकारी एंबुलेंस को निजी दौरान सरकारी एंबुलेंस का खुलेआम अस्पतालों तक मरीज पहुंचाने में बुक की जांच, सीसीटीवी फुटेज उपयोग किया जा रहा है। इस कथित तक कोई ठोस कार्रवाई न होना, पूरे एंबुलेंस रैकेट से जुड़ी तस्वीरें और  इस्तेमाल किया जा रहा है। यह पूरा प्रकरण में संरक्षण के आरोपों को खंगालने और दोषियों पर तत्काल নীভিযা মাহাল সীভিযা ৭ং নামলে एफआईआर दर्ज करने की मांग की मामला सीएचसी प्रशासन की कथित और गहरा करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी एंबुलेंस का हो रही हैं। वायरल तस्वीरों में एक | मिलीभगत से चलने का आरोप लगाया गोंडा में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की साख पर बट्टा,कर्नलगंज सीएचसी की सरकारी एंबुलेंस बनी निजी अस्पतालों की टैक्सी ) सरकारी एंबुलेंस से निजी  अस्पतालों तक मरीज पहुंचाने का आरोप तस्वीरें - वीडियो वायरल, जिम्मेदारों की भूमिका संदिग्ध टाइम्स ऑफ जनसत्ता / लवकुश कुमार उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में गरीब जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक कुछ सरकारी एंबुलेंस को निजी अस्पताल गोण्डा चिकित्सक. नर्स आशा कार्यकत्रियां से मरीज लातेनले जाते देखा जा और गंभीर मरीजों की जान बचाना कर्नलगंज गोंडा। जिले   के और स्थानीय दलालों की आपसी है, लेकिन कर्नलगंज सीएचसी में इसे सकता है, जबकि दूसरी एंबुलेंस उसी कर्नलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साठगांठ से मरीजों को पहले सरकारी निजी अस्पतालों की फ्री टैक्सी सेवा अस्पताल के पीछे खडी नजर आ ( सीएचसी ) जाता   है, रही है। इससे यह संकेत मिलता है बना दिया गया है। इससे सरकारी धन # ஈ सीएचसी इसके स्वास्थ्य লোমা सुनियोजित और संगठित सेवाओं गंभीर कमीशन के खेल में उन्हें सीधे की बर्बादी के साथ ्साथ जरूरतमंद के   दुरुपयोग कि मामला का बाट विशेषकर  मामला सामने आया है। आरोप है कि निजी अस्पतालों रॉयल सबसे बड़ा सवाल यह है कि॰ मरीजों के अधिकारों का भी हनन है हॉस्पिटल, भेज दिया जाता है। इस यहां गंभीर व गरीब मरीजों के लिए सीएचसी  के जिम्मेदार  अधिकारी होरहा है। लोगों ने मामले की इस पूरे मामले पर चुप क्यों हैं। अब उच्चस्तरीय जांच, एंबुलेंस की लॉग  आरक्षित सरकारी एंबुलेंस को निजी दौरान सरकारी एंबुलेंस का खुलेआम अस्पतालों तक मरीज पहुंचाने में बुक की जांच, सीसीटीवी फुटेज उपयोग किया जा रहा है। इस कथित तक कोई ठोस कार्रवाई न होना, पूरे एंबुलेंस रैकेट से जुड़ी तस्वीरें और  इस्तेमाल किया जा रहा है। यह पूरा प्रकरण में संरक्षण के आरोपों को खंगालने और दोषियों पर तत्काल নীভিযা মাহাল সীভিযা ৭ং নামলে एफआईआर दर्ज करने की मांग की मामला सीएचसी प्रशासन की कथित और गहरा करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी एंबुलेंस का हो रही हैं। वायरल तस्वीरों में एक | मिलीभगत से चलने का आरोप लगाया - ShareChat

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