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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - एक मैं हूं जो खुद को ना समझ सका आजतक और एक लोग है जो मुझे जाने क्या क्या समझ लेते हैं एक मैं हूं जो खुद को ना समझ सका आजतक और एक लोग है जो मुझे जाने क्या क्या समझ लेते हैं - ShareChat

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