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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #✍️ साहित्य एवं शायरी #📜 Whatsapp स्टेटस
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - I। किसी का सुकून छीन कर! ! ों किया॰ज इबादतों से कफ्फारा अदा नहीं जा सकता! ! ]9 সুলড়াহ I। किसी का सुकून छीन कर! ! ों किया॰ज इबादतों से कफ्फारा अदा नहीं जा सकता! ! ]9 সুলড়াহ - ShareChat

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