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#✍️ अनसुनी शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - u t e ஒIANNAL @ishq_walii_ तबाही के हर दौर से गुजरकर रार नई हम ठान लेंगे , अरे महाकाल के भक्त हैं हम , ऐसे कैसे हार मान लेंगे। u t e ஒIANNAL @ishq_walii_ तबाही के हर दौर से गुजरकर रार नई हम ठान लेंगे , अरे महाकाल के भक्त हैं हम , ऐसे कैसे हार मान लेंगे। - ShareChat

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