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#gurbani kirtan
gurbani kirtan - "एक सांस का खेल" 6 एक बार गुरु नानकदेवजी  मर्दाने बाले और ने ম पूछा- जीवन कितना है ? बाले ने पर হম कहा- आज का सूरज चढ़िया  हे-कल का पता नहीं चढ़ेगा या नहीं।' नानकदेवजी कहने लगे - जीवन इतना  डस पर बड़ा तो नहीं हे। अच्छा मर्दाने तू बता। ' मर्दाना कहने लगा- सच्चे पातशाह अब जो घड़ी आई हे-्पता नर्हीं अगली घड़ी आयेगी भी या 6!' नानकदेवजी कहने लगे- अभी भी बहुत दूर की बात कर रहे हो। जीवन तो डतना भी नहीं हे।' जोड़कर  इस पर दोनों ने हाथ कहा - सच्चे पातशाह ! फिर आप ही बताओ। ' गुरु नानकदेवजी ने कहा- जीवन एक श्वांस  का खेल हे। अगर अन्दर आ बाहर ना आये। गया आजाये সযায ঘ্াম নামব वापस 37 না जाये-एक श्वांस का खेल है। इसलिए, हर स्वाँस में सिमरन करो। "एक सांस का खेल" 6 एक बार गुरु नानकदेवजी  मर्दाने बाले और ने ম पूछा- जीवन कितना है ? बाले ने पर হম कहा- आज का सूरज चढ़िया  हे-कल का पता नहीं चढ़ेगा या नहीं।' नानकदेवजी कहने लगे - जीवन इतना  डस पर बड़ा तो नहीं हे। अच्छा मर्दाने तू बता। ' मर्दाना कहने लगा- सच्चे पातशाह अब जो घड़ी आई हे-्पता नर्हीं अगली घड़ी आयेगी भी या 6!' नानकदेवजी कहने लगे- अभी भी बहुत दूर की बात कर रहे हो। जीवन तो डतना भी नहीं हे।' जोड़कर  इस पर दोनों ने हाथ कहा - सच्चे पातशाह ! फिर आप ही बताओ। ' गुरु नानकदेवजी ने कहा- जीवन एक श्वांस  का खेल हे। अगर अन्दर आ बाहर ना आये। गया आजाये সযায ঘ্াম নামব वापस 37 না जाये-एक श्वांस का खेल है। इसलिए, हर स्वाँस में सिमरन करो। - ShareChat

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