#dr. kumar vishwas #📖 कविता
alone person shayri  - PAISE मेरे सपनो को तुम क्या तोड़ पाओगे जितने सपने तोड़ोगे उतनी हिम्मत बढ़ती जायेगी एक दिन सपनें मुकम्मल हो ही जायेंगे - Alone person YourQuote . in - ShareChat
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24 दिन पहले
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