🖊️दर्द शायरी💔 - ' हसरतें दिल में दबी रह गई । ख्वाहिशें सहमी - सहमी रह गई हैं । कहने को तो बहुत कहा मगर बातें | बहुत सी अनकही रह गई । दिल पर तो पत्थर रखा था मगर ' आंखों में नमी रह गई है , कोशिशें तो बहुत हुई मगर शायद | कहीं कुछ कमी रह गई खत्म कहां हुए हैं सारे ताल्लुक कुछ याद हैं जहन में जमी रह गईहैं । हमको गुजरे हुए एक अरसा हुआ । अब नाम की जिंदगी रह गई - ShareChat
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1 साल पहले
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