🙏 જય શ્રી કૃષ્ણ - सुंदर पंकी कहीं ना कहीं कर्मों का डर है ! नहीं तो गंगा पर इतनी भीड़ क्यों है ? जो कर्म को समझता है उसे । धर्म को समझने की जरुरत ही नहीं पाप शरीर नहीं करता विचार करते है । और गंगा विचारों को नहीं ! सिर्फ शरीर को धोती है | | शब्दों का महत्व तो ! बोलने के भाव से पता चलता है , वरना वेलकम तो पायदान पर भी लिखा होता है । - ShareChat
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6 મહિના પહેલા
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