#🎼 ग़ज़ल
🎼 ग़ज़ल - वो सज़दा ही क्या जिसमे सर उठाने का होश रहे * इज़हारे इश्क़ का मज़ा तो तब है * जब मै खामोश रहूँ और तू बैचेन रहे । - ShareChat
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1 महीने पहले
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