📒 मेरी डायरी - एक स्त्री और पुरुष की सच्ची मित्रता किसी शक की मोहताज नहीं होती ' ॥ अपनी सोच को बदलिए । प्यार किया पिता से वो । अच्छी बेटी कहलाई , किया प्यार भाई से तो प्यारी बहना कहलाई , किया पति से प्यार तो ) | वो पतिव्रता | कहलाई | सेवा की जब सास की | वो संस्कारी बहूँ । | कहलाई , | ममत्व जताया बेटों पर तो ममता मुरत | कहलाई | एक दोस्त बनाया सच्चे | दिल से तो क्यूँ वो चरित्रहीन कहलाई - ShareChat
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3 महीने पहले
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