#🌺 राम प्रसाद बिस्मिल जयंती
🌺 राम प्रसाद बिस्मिल जयंती - राम प्रसाद बिस्मिल शहीद होने से एक दिन पूर्व रामप्रसाद बिस्मिल ने अपने एक मित्र को निम्न पत्र लिखा - १ तारीख को जो कुछ होगा में उसके लिए सहर्ष तैयार हैं । आत्मा अमर हैं जो मनुष्य की तरह वस्त्र धारण किया करती हैं । यदि देश के हित मला पडे , मझको सहस्रो बार भी ) । तो भी न में इस कष्ट को , जिन ध्यान में लाऊं कभी । । हे ईश ! भारतवर्ष में , शतबार मेरा जन्म हो । कारण सदा ही मृत्यु का , देशीय कारक कर्म हो । । मरते हैं बिस्मिल , रोशन , लाहिड़ी , अशफाक अत्याचार से । होंगे पेंदा सैकड़ों , उनके रुधिर की धार से । । उनके प्रबल उद्योग से , उद्धार होगा देश का । तब नाश होगा सर्वदा , दुख शोक के लव लेश का । । सब से मेरा नमस्कार कहिए , तुम्हारा बिस्मिल ' रामप्रसाद बिस्मिल की शायरी , जो उन्होने कालकोठरी में लिखी या गाई थी , उसका एक - एक शब्द आज भी भारतीय जनमानस | पर उतना ही असर रखता है जितना उन दिनो रखता था । इस शायरी का हर शब्द अमर हैं । सरफरोशी की तमन्ना , अब हमारे दिल में हैं । देखना हैं जोर कितना , बाजुए कातिल में हैं । वक्त आने दे बता देंगे तुझे हे आसमां हम अभी से क्या बताएं , क्या हमारे दिल में हैं । । भारत की मिट्टी का कण - कण राम प्रसाद बिस्मिल का ऋणी रहेगा - ShareChat
4.4k ने देखा
6 महीने पहले
अन्य एप्स पर शेयर करें
Facebook
WhatsApp
लिंक कॉपी करें
डिलीट करें
Embed
मैं इस पोस्ट का विरोध करता हूँ, क्योंकि ये पोस्ट...
Embed Post